
तमिलनाडु में कार्यरत शिक्षकों के लिए आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में आधे से कम उम्मीदवार सफल हो सके हैं। परीक्षा में शामिल 2.17 लाख शिक्षकों में से केवल 1.08 लाख ने ही टेट पास किया है।
शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) के सूत्रों के अनुसार, टेट पेपर-1 में परीक्षा देने वाले 58,902 शिक्षकों में से 47,594 सफल रहे। वहीं, पेपर-2 में शामिल 1,58,617 शिक्षकों में से केवल 60,732 शिक्षक ही परीक्षा उत्तीर्ण कर सके। आंकड़ों के अनुसार, पेपर-1 में करीब 80 प्रतिशत सफलता दर रही, जबकि पेपर-2 में 40 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी सफल हुए।
पेपर-1 उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक कक्षा पांच तक और पेपर-2 पास करने वाले शिक्षक कक्षा आठ तक पढ़ाने के पात्र होते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जुलाई 2026 में यह विशेष टेट आयोजित किया गया था।
अदालत ने पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों को अगस्त 2028 तक टेट पास करना अनिवार्य किया है, अन्यथा उनकी नौकरी प्रभावित हो सकती है।
इसी को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष में तीन बार विशेष टेट आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि, शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस वर्ष अब तक केवल एक ही परीक्षा आयोजित की गई है।
उन्होंने सरकार से अगले विशेष टेट की अधिसूचना जारी करने तथा यह स्पष्ट करने की मांग की है कि शेष दो परीक्षाएं कब होंगी और कितने शिक्षक अभी परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं।