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Taratala Building Collapse: ‘तेज धमाके के बाद मचा हड़कंप, मदद के लिए चिल्ला रहे थे लोग’, चश्मदीद ने सुनाई निर्माणाधीन इमारत ढहने की कहानी

Kolkata Godown Shed Collapse: कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढहने से अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीद के मुताबिक, तेज धमाके के बाद मलबे में दबे लोग मदद के लिए चीख-पुकार कर रहे थे। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं।
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Jun 25, 2026
Taratala Building Collapse
तारातला इलाके में निर्माणाधीन एक निजी गोदाम का गिरा शेड (Photo-IANS)

Taratala Building Collapse: कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन एक निजी गोदाम का शेड गिरने से मरने वालों की संख्या 8 हो गई है, जबकि 20 घायल हुए है। ANI से बात करते हुए चश्मदीद ने बताया कि घटना के समय क्या हुआ था? उन्होंने कहा कि दोपहर 12.00 बजे लंच ब्रेक के दौरान, हमने एक तेज आवाज़ सुनी और शुरू में हमें लगा कि कोई शटर गिर गया है। लेकिन, पास में एक साइकिल वाले ने हमें बताया कि एक बिल्डिंग गिर गई है।

चश्मदीद ने आगे कहा कि सब लोग मौके पर दौड़े, जहां हमने देखा कि लोग मलबे के नीचे से मदद के लिए चिल्ला रहे थे। पुलिस के न होने के बावजूद हम मलबा तोड़कर दो लड़कों को बचाने में कामयाब रहे। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल भेजा गया।

उन्होंने कहा कि मिलिट्री वालों की मदद से बचाव का काम जारी रहा, जिन्होंने मेटल को काटने के लिए रस्सियों और औजारों का इस्तेमाल किया। बदकिस्मती से, कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं। 

पुलिस ने क्या कहा? 

घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि यह हादसा बुधवार को ब्रेस ब्रिज के पास स्थित निर्माणाधीन गोदाम में हुआ, जिसके बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

वहीं, शुभेन्दु सरकार ने घटना की जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त जयसूर्य मुखर्जी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

पीएम ने 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। साथ ही पीएम ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

मंत्री दिलीप घोष ने लगाए आरोप

मंत्री दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि इस हादसे के पीछे कुछ बड़े राजनीतिक नामों का संबंध भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच होगी और जो भी दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ चार लोग ही नहीं, बल्कि कई बड़े नाम भी इस मामले में सामने आ सकते हैं।

जांच में क्या मिले संकेत

शुरुआती जांच में निर्माण योजना में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की योजना 17 जनवरी 2026 को मंजूर की गई थी। जमीन का मालिकाना हक एसएमपीए पास है, जबकि यह भूमि शंभूनाथ बेहरा और उनके सहयोगियों के नाम पर लीज पर दी गई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, निर्माण के लिए गलत नक्शा स्वीकृत किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

Published on:
25 Jun 2026 12:32 pm