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Bangladesh Election: रहमान के PM बनने से दिखेगा बड़ा असर, अगर अब भारत ने शेख हसीना को नहीं लौटाया तो क्या होगा?

तारिक रहमान की BNP ने फरवरी 2026 के आम चुनाव में भारी बहुमत हासिल किया, जिससे वे बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। 17 साल के लंदन निर्वासन के बाद 25 दिसंबर 2025 को लौटे रहमान की वापसी उनकी मां खालेदा जिया की मौत से ठीक पहले हुई।
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Feb 13, 2026
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बांग्लादेश के नए पीएम बनने जा रहे तारिक रहमान और पीएम मोदी। (फोटो- ANI)

तारिक रहमान की BNP पार्टी ने फरवरी 2026 के आम चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है। इससे अब साफ हो गया है कि वे बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।

रहमान 17 साल के लंदन निर्वासन के बाद 25 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश लौटे थे। उनकी मां खालेदा जिया की मौत के ठीक पहले यह वापसी हुई। रहमान की वापसी के तुरंत बाद जनता ने उन्हें चुनाव में जीत दिलाकर पीएम की गद्दी पर बैठाया है।

हसीना पर गहराएगा संकट

रहमान के पीएम बनने से भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर बड़ा संकट आ सकता है। माना जा रहा है कि रहमान सरकार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग तेज कर सकती है, क्योंकि उन पर मानवाधिकार उल्लंघन और हत्या के मामले हैं।

हालांकि, भारत ने हसीना की वापसी से अभी इनकार किया है, लेकिन नए रिश्तों में दबाव बढ़ सकता है। यह माना जा रहा है कि चुनाव के बाद आए नतीजों को देखते हुए दूसरे देश भारत से हसीना को वापस भेजने की अपील कर सकते हैं।

इसके अलावा, रहमान के पीएम बनने से पुरानी दुश्मनी के कारण शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर दबाव बढ़ेगा, पार्टी कमजोर रहेगी। फिलहाल हसीना भारत में भले ही सुरक्षित हैं, लेकिन रहमान की सत्ता से उनकी वापसी मुश्किल हो सकती है।

भारत सरकार की बधाई से क्या मिल रहा संकेत?

इस बीच, पीएम मोदी ने तारिक को बधाई देकर संतुलित रुख अपनाया है। इससे बड़ा संकेत मिल रहा है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों में जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ रिश्तों को संतुलित करने के लिए हसीना को वापस भेज भी सकती है। हालांकि, यह अटकलें हैं।

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने पहले ही भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन भारत ने इनकार कर दिया। अब BNP की पूर्ण सरकार में यह मांग और मजबूत होगी, क्योंकि पार्टी को अपने समर्थकों को दिखाना होगा कि वे नरम नहीं हैं।

अगर अब भारत ने हसीना नहीं सौंपा तो क्या होगा?

अगर भारत ने हसीना को सौंपा, तो उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा, जो उनके लिए अस्तित्व का संकट होगा। अगर नहीं सौंपा, तो भारत-बांग्लादेश संबंध खराब होंगे। सीमा सुरक्षा, व्यापार और निवेश प्रभावित होंगे।

रहमान की सरकार हसीना और उनके परिवार पर नए मुकदमे चला सकती है। पहले से ही भ्रष्टाचार के मामलों में हसीना को 10 साल की सजा और उनकी भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक को 4 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

Updated on:
13 Feb 2026 02:51 pm
Published on:
13 Feb 2026 02:51 pm