Religious Pressure at TCS Nashik: नासिक स्थित TCS यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोपों ने मामला गंभीर बना दिया है। पीड़िता के बयान के बाद 8 आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच जारी है।
TCS Nashik Sexual Harassment: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने ताजा बयान में कई गंभीर खुलासे किए हैं, जिनमें चार साल पहले हुए कथित शोषण का जिक्र भी शामिल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कंपनी ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उसे अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी।
पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी से करीब चार साल पहले हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज से पढ़े थे। आरोपी ने उसे TCS में नौकरी दिलाने का वादा किया। आरोप है कि जुलाई 2022 में देवलाली कैंप इलाके में मुलाकात के दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की और शादी का झांसा दिया। बाद में पीड़िता को TCS में नौकरी मिल गई, जहां आरोपी भी कार्यरत था।
शिकायत में बताया गया है कि फरवरी 2026 में आरोपी की पत्नी ने पीड़िता से संपर्क किया और बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। जब पीड़िता ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया, तो उसने कथित तौर पर साफ कर दिया कि उसका शादी करने का कोई इरादा नहीं था।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी और उसके दो सहकर्मी अक्सर कंपनी की कैंटीन में उससे मिलते थे और हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। साथ ही शिवलिंग की पूजा को लेकर आपत्तिजनक बातें कही और उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। एफआईआर में यह भी है कि कुछ अन्य आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसे ब्लैकमेल किया।
इस मामले में नामजद आरोपी महिला कर्मचारी निदा खान ने खुद को गर्भवती बताते हुए अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। उसका कहना है कि उस पर लगे आरोपों में सात साल से कम सजा का प्रावधान है। नासिक सत्र न्यायालय में इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। वहीं, निदा खान के वकील ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।