हर वर्ष 5 सितंबर को भारत में टीचर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में तरह-तरह के कार्यक्रम होते हैं और बच्चे टीचर्स बनते हैं।
Teacher's Day 2021 : हर वर्ष 5 सितंबर को भारत में टीचर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में तरह-तरह के कार्यक्रम होते हैं और बच्चे टीचर्स बनते हैं। भारत में शिक्षक दिवस भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Sarvepalli Radhakrishnan) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक एक बच्चे के भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान देता है। एक शिक्षक के बिना छात्र का जीवन अधूरा रहता है। शिक्षक ही होते हैं जो गिरने पर हमें पकड़ लेते हैं और हमें जीवन का सबसे महत्वपूर्ण सबक देते हैं। आज हम आपको शिक्षक दिवस के मौके पर इसका इतिहास और महत्व के बारें में बताएंगे।
शिक्षक दिवस का इतिहास:—
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 1962 से शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अपने छात्रों से जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा जताई थी। दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में अलग-अलग तारीख पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। देश के पहले उप-राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि वे बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे और स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे। राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ था।
स्कूलों में होता है खास आयोजन:—
आमतौर पर आज के दिन स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती हैं। उत्सव और कार्यक्रम आदि होते हैं। छात्र अपने टीचर्स को गिफ्ट देते हैं। कई प्रकार कि सांस्कृतिक गतिविधियां होती है जिसमे छात्र और शिक्षक दोनों ही भाग लेते है। गुरु-शिष्य परम्परा को कायम रखने का संकल्प लेते हैं। यह दिन शिक्षक और छात्रों अर्थात यू कहें तो समाज के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है इसी दिन शिक्षको को मान-सम्मान देकर उनके काम की सराहना करते है। एक शिक्षक के बिना कोई भी डॉक्टर, इंजीनियर आदि नहीं बन सकता है। शिक्षा का असली ज्ञान सिर्फ एक शिक्षक ही दे सकता है।
शिक्षक दिवस का महत्व:—
एक छात्र के जीवन में शिक्षक दिवस या टीचर्स के का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षक ही छात्र को सही भविष्य और सही रास्ते पर चलना सिखाता है। वह छात्र को अच्छे गलत की समझ सिखाते हैं। ऐसे में छात्र के पास इस दिन शिक्षक के इन परिश्रमों का धन्यवाद करने का मौका होता है। इसलिए यह दिन सभी छात्रों के लिए बेहत खास माना जाता है। शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी।