
Tejashwi Yadav: बिहार में इस समय राजनीतिक बयानबाजी का माहौल गर्मा गया है। दो प्रमुख घटनाओं को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और जेडीयू पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिए बिवादित बयान और मोकामा विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से निकालने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अनंत सिंह के अलावा तीन विधायकों का जिक्र करते हुए कहा कि राजद ने इनके लिए जो भविष्यवाणी की थी वह अब सच होती दिख रही है।
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके उलट बीजेपी खरगे के बयान को बात का बतंगड़ बनाकर पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी बहुत छोटी बात है। यह गुस्से में निकली प्रतिक्रिया थी।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सिंचाई जैसे जरूरी मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। लोगों की शिकायतों को दूर करने और उनकी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करने के लिए भी कुछ नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में अपनी सरकार होने के बावजूद बिहार को विशेष पैकेज नहीं मिल रहा है।
अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई पर तेजस्वी यादव ने कहा कि साल 2024 में विश्वास मत के दौरान उनकी पार्टी के तीन विधायकों नीलम देवी, आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव ने नीतीश कुमार का समर्थन किया था। उस समय उन्होंने चेतावनी दी थी कि दूसरी तरफ जाने वाले विधायकों को आगे इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
तेजस्वी ने कहा कि आज नीलम देवी को पार्टी से निकाल दिया, आनंद मोहन परेशान हैं, जबकि प्रह्लाद यादव को टिकट तक नहीं मिला। वहीं, अनंत सिंह की स्थिति भी सबके सामने है। उन्होंने कहा कि तीनों विधायकों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया था और उनकी कही बात अब सही साबित होती दिख रही है।
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके नाम पर 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। उन्होंने जेडीयू को भाजपा का प्रकोष्ठ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी को बेच दिया गया है। निष्कासित नेताओं की वापसी पर उन्होंने कहा कि अब वह किसी को वापस आने का प्रस्ताव नहीं देंगे।