
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं महागठबंधन के खाते में महज 35 सीटें ही गई है। इनमें से राजद ने 25 जीतों पर दर्ज की है। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव की पार्टी राजद की प्रतिक्रिया सामने आ गई है। RJD ने एक्स पर पोस्ट करते कहा कि सार्वजनिक सेवा में "उतार-चढ़ाव अपरिहार्य हैं"।
राजद ने खुद को "गरीबों की पार्टी" बताते हुए कहा कि उसे हार का "कोई दुख" नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राजद ने लिखा- जनसेवा एक अनवरत प्रक्रिया है, एक अंतहीन यात्रा है! इसमें उतार चढ़ाव आना तय है। हार में विषाद नहीं, जीत में अहंकार नहीं! राष्ट्रीय जनता दल गरीबों की पार्टी है, गरीबों के बीच उनकी आवाज़ बुलंद करते रहेगी!
बता दें कि पार्टी की सबसे बड़ी जीत राघोपुर से तेजस्वी यादव की जीत रही है। राजद प्रत्याशी ने बीजेपी के सतीश कुमार को 14532 वोटों से हराया है। दरअसल, तेजस्वी ने इस सीट से 2015 और 2020 में भी बीजेपी के सतीश कुमार को हराया था।
बिहार में सबसे ज्यादा वोट शेयरिंग मामले में राजद पहले नंबर पर रही है। राजद को 22.76 प्रतिशत वोट मिले है। इसके बाद बीजेपी को 20.90 और जेडीयू को 18.92 प्रतिशत वोट मिले है।
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जबकि जदयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 19 सीटों पर जीत हासिल की।
महागठबंधन में सबसे ज्यादा राजद ने 25 सीटें जीती। वहीं कांग्रेस ने महज 6 सीटों पर जीत दर्ज की। सीपीआई (एमएल) (एल) ने दो सीटों पर दर्ज की। इसके अलावा सीपीआई (एम) और आईआईपी को एक-एक सीट मिली।
वहीं लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भी शनिवार को एक पोस्ट किया था। यह पोस्ट उनकी पार्टी के फेसबुक अकाउंट पर किया गया। जिसमें लिखा- जरूरी नहीं कि गलत करने से ही दर्द मिले। कभी–कभी बहुत ज्यादा सही होने की भी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। लेकिन जो जनता के लिए सच्चाई पर खड़ा है उसे हर कीमत मंजूर है।