Tamil cinema superstar Thalapathy Vijay: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय के राजनीति में प्रवेश, विवादों, चुनावी सफलता और मुख्यमंत्री बनने तक की पूरी कहानी। जानिए कैसे एक स्टार से नेता बनने का सफर रहा चर्चा और उतार-चढ़ाव से भरा।
Vijay Thalapathy Political Career: तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शुमार विजय को लंबे समय तक उनके प्रशंसक थलापति यानी नेतृत्वकर्ता के रूप में जानते रहे हैं। अपने फिल्मी करियर में अपार सफलता और लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और एक नई यात्रा की शुरुआत की। उनका यह फैसला किसी आरामदायक जीवन से बाहर निकलकर जनता के बीच वास्तविक राजनीतिक संघर्ष में उतरने जैसा था। यही वजह रही कि उनका राजनीतिक सफर शुरुआत से ही सुर्खियों में रहा।
27 सितंबर 2025 को करूर में आयोजित एक राजनीतिक रैली के दौरान भीषण भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में 41 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 100 लोग घायल हुए। घटना के बाद विजय की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठे। उन्होंने कुछ दिनों बाद एक वीडियो संदेश जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वे इस घटना से भीतर तक टूट चुके हैं। बाद में उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना भी जताई।
27 फरवरी को मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम ने लगभग तीन दशक पुराने वैवाहिक जीवन को समाप्त करने के लिए तलाक याचिका दायर की है। इन रिपोर्ट्स में यह भी आरोप सामने आए कि यह कदम कथित वैवाहिक विवादों और अफवाहों से जुड़ा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई, जिससे यह विषय लगातार चर्चा में बना रहा।
फिल्म इंडस्ट्री में साथ काम कर चुके विजय और तृषा कृष्णन कई बार सार्वजनिक आयोजनों में एक साथ नजर आए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर अटकलें तेज हो गईं। दोनों ने फिल्मों Ghilli, Thirupaachi, Aathi, Kuruvi और Leo में साथ काम किया है, जिससे उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पहले से ही चर्चा में रही है। हालांकि, इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय ने कहा था कि लोगों को अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है और वह अपने व्यक्तिगत मामलों को संभाल लेंगे।
विजय की चर्चित फिल्म जन नायगन रिलीज से पहले ही कानूनी और तकनीकी विवादों में फंस गई। सेंसर सर्टिफिकेशन में देरी को लेकर मामला मद्रास हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इसी बीच फिल्म के ऑनलाइन लीक होने की घटना ने भी बड़ा विवाद खड़ा किया, जिसके बाद साइबर क्राइम विंग ने जांच शुरू करते हुए कई गिरफ्तारियां कीं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को हुए, जिनके परिणाम 4 मई को घोषित किए गए। विजय की पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन पूर्ण बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई। बाद में गठबंधन राजनीति के जरिए समर्थन जुटाते हुए उन्होंने बहुमत साबित किया। इसके बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।