
शहजाद पूनावाला (फोटो- एएनआई)
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की भारी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला नहीं हो पाने से राजनीतिक हलचल लगातार तेज बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आने से अटकलों का दौर जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी शायद पांच साल में पांच मुख्यमंत्री देने की योजना बना रही है। उनके बयान ने केरल की राजनीति में नया विवाद खडा कर दिया है और विपक्षी दलों को कांग्रेस पर हमला करने का नया मौका मिल गया है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं कर पा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा वी डी सतीशन के समर्थन में हैं, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सी वेणुगोपाल के पक्ष में होने की चर्चा है। पूनावाला ने यह भी कहा कि कुछ नेता रमेश चेन्निथला और शशि थरूर को भी मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान की तरह केरल में भी अस्थिरता का मॉडल केरल में लाना चाहती है।
कांग्रेस के शीर्ष नेता दिल्ली में लगातार बैठकें कर रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सके। केरल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल ने एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित कर पार्टी हाईकमान को अंतिम निर्णय का अधिकार दिया है। इस बीच केरल के नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। पूर्व केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष के सुधाकरन भी दिल्ली पहुंचे, लेकिन उन्होंने मीडिया के सामने किसी नाम पर खुलकर टिप्पणी नहीं की। पार्टी नेतृत्व अब सभी विधायकों और सहयोगी दलों से राय लेकर फैसला करना चाहता है।
हाल ही में संपन्न 140 सदस्यीय केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने 102 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया। इतनी बडी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर देरी होने से विपक्ष कांग्रेस को घेर रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस पहले भी कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में नेतृत्व विवाद का सामना कर चुकी है। अब केरल में भी उसी तरह की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द फैसला नहीं करता है तो यह मामला पार्टी की एकजुटता पर सवाल खडे कर सकता है।
Published on:
12 May 2026 01:09 pm
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