
Arvind kejriwal Challenges To Amit Shah: आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने आज कहा कि अगर गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों को ढहाने से संबंधित सभी मामले वापस ले लें और हटाए गए प्रत्येक व्यक्ति का पुनर्वास कर दें तो वह दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अगर भाजपा चुनाव जीतती है तो वह दिल्ली में झुग्गियों को ध्वस्त करने का इरादा रखती है। हालांकि, केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने दावों को खारिज कर दिया और आप सरकार पर असहयोग का आरोप लगाया।
दिल्ली के पूर्व CM ने आज कहा, "आपने झुग्गी-झोपड़ियों के लोगों के खिलाफ जो भी मामले दर्ज किए हैं, उन्हें वापस ले लीजिए और अदालत में हलफनामा दाखिल कीजिए कि आप उन सभी लोगों को उसी जमीन पर मकान देंगे, जहां से उन्हें बेदखल किया गया था। मैं आपको चुनौती देता हूं कि आप इसे स्वीकार कर लें तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।" केजरीवाल ने शकूर बस्ती में कहा, "वे पहले आपका वोट चाहते हैं और चुनाव के बाद आपकी जमीन।" उन्होंने भाजपा की 'जहां झुग्गी वहां मकान' योजना को पूरी तरह से आंखों में धूल झोंकने वाला बताया।
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले पांच सालों में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने झुग्गीवासियों के लिए केवल 4,700 फ्लैट बनाए हैं, जिससे शहर के 4 लाख झुग्गी-झोपड़ी वाले परिवार मुश्किल में हैं। उन्होंने दावा किया, "इस गति से, सभी को आवास उपलब्ध कराने में 1,000 साल लगेंगे।' दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने 27 दिसंबर को झुग्गी बस्तियों के भूमि उपयोग में बदलाव किया था, जिससे चुनाव के तुरंत बाद उन्हें गिराने का रास्ता साफ हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे ने झुग्गियों के कब्जे वाली जमीन का टेंडर 30 सितंबर को ही दे दिया था।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने केजरीवाल के आरोपों को निराधार बताते हुए खुद ही उन पर आरोप लगा दिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की AAP सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अन्य झुग्गी पुनर्वास परियोजनाओं जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं में जानबूझकर देरी की है। पुरी ने कहा, "2006 से ही अनधिकृत कॉलोनियों को विनियमित करना राज्य सरकार का कर्तव्य रहा है, लेकिन आप सरकार ने इसमें सहयोग नहीं किया।"
दिल्ली में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही आम आदमी पार्टी ने 2020 में 70 में से 62 सीटें जीती थीं। AAP पार्टी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों सहित हाशिए पर पड़े समुदायों के बीच अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है। आज अपने संबोधन के दौरान, केजरीवाल ने झुग्गी बस्तियों को ढहाने से रोकने के लिए 2015 में किए गए अपने हस्तक्षेप को दोहराया। शकूर बस्ती से आप के उम्मीदवार सत्येंद्र जैन के साथ, श्री केजरीवाल ने मतदाताओं से भाजपा की कथित "देशद्रोही" नीतियों को अस्वीकार करने की अपील की।