
तमिलनाडु सरकार ने थेनी जेल ब्रेक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विजय सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने थेनी जेल की सुरक्षा में खामियों, अपर्याप्त निगरानी और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। तमिलनाडु की सरकार ने बताया कि डिप्टी जेल अधिकारी एन. नागेश्वरन को बर्खास्त कर दिया गया है। नागेश्वरन 6 अगस्त 2024 से थेनी जिला जेल के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। यह कार्रवाई 'तमिलनाडु सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों' के तहत की गई है। सरकार के मुताबिक वे कैदियों और जेल कर्मचारियों की उचित निगरानी करने और उन पर नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहे।
एक अन्य प्रशासनिक फेरबदल में मदुरै सेंट्रल जेल के अधीक्षक आर. कृष्णराज का तबादला सलेम सेंट्रल जेल में कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम जेल प्रशासन में निगरानी, जवाबदेही और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। सरकार ने जेल अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियां पूरी सावधानी और सतर्कता से निभाने की चेतावनी भी दी है। साथ ही साफ किया है कि सुरक्षा और निगरानी के कामों में लापरवाही या ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
26 तारीख की रात को थेनी जिले में अंदीपट्टी के पास थेक्कमपट्टी जिला जेल से 17 कैदी जेल गार्ड पर हमला करके भाग गए थे। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस हरकत में आई। आईजी विजयेंद्र बिदारी के आदेश पर 20 से ज्यादा स्पेशल टीमें बनाई गईं और तलाश तेज कर दी गई। इसके बाद थेनी, मदुरै, शिवगंगा, विरुधुनगर समेत कई जिलों में गहन खोज अभियान चलाए गए। सर्च ऑपरेशन में एंटी-नक्सल यूनिट के गार्ड भी तैनात किए गए। ड्रोन से सर्विलांस ऑपरेशन भी चलाया गया। 40 घंटे के भीषण तलाशी अभियान के बाद सभी 17 फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में फरार कैदियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस ने बताया कि थेनी जेल में कुछ कैदियों की बेल खारिज हो गई थी। ऐसे में जेल के अंदर कैदियों ने भागने की सीक्रेट साजिश रची। उस समय जांच में पता चला कि लिंगा प्रसाद ने जेल से भागने का आइडिया दिया था। बाद में दूसरे कैदी भी इस प्लान में शामिल हो गए।