
बिहार MLC नीरज कुमार ने ललन सिंह को लेकर दिया बयान (फोटो- ANI)
JDU Poster Controversy: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में जीत के बाद जारी किए गए जेडीयू (JDU) के बधाई पोस्टरों और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की तस्वीर गायब होने को लेकर पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और बयानबाजी से सियासी हलचल तेज हो गई है।
MLC नीरज कुमार ने ललन सिंह को लेकर कहा कि, जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं ललन सिंह इसमें कोई नकार नहीं सकता है तात्कालिक सवालों पर मतभेद हुआ। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसको गंभीर लिया है और पार्टी के नेतृत्व में भी गंभीरता से लिया है चुनाव में पार्टी की साख हमारी बच बच गई, कोई बधाई देगा तब ना कोई बधाई लेगा। राजनीतिक तौर पर तेजस्वी यादव अभी भी जिंदा है या कैसे कोई बताएगा और वह फिर से दिल्ली चले गए हैं निशांत कुमार के शिक्षा पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता है।
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार की जीत के बाद पार्टी द्वारा सोशल मीडिया (X) और अन्य माध्यमों पर जो बधाई पोस्टर जारी किए गए, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जीतन राम मांझी और निशांत कुमार जैसे नेताओं को जगह मिली, लेकिन कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की तस्वीर इन पोस्टरों से गायब रही।
जीत के बाद जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने ललन सिंह पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी जीत पर ललन सिंह की ओर से कोई बधाई नहीं आई है और न ही वह उनसे बधाई लेंगे। नीरज कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव प्रचार के दौरान ललन सिंह उनके साथ क्यों नहीं थे। नीरज कुमार के बयान से पार्टी में अंदरुनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा कि उनके पुरखों ने संस्कार दिए हैं कि अगर किसी से कुछ लिया है, तो उसे सूद समेत लौटाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे चुनावी प्रकरण में उनका क्या गुनाह था, उन्हें क्यों इतनी परेशानी झेलनी पड़ी। उनके इस बयान को ललन सिंह और चुनाव के दौरान के आंतरिक विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
एमएलसी चुनाव से पहले अनंत सिंह द्वारा जेडीयू उम्मीदवार के विरोध और जनसुराज के उम्मीदवार का समर्थन किए जाने के मामले में ललन सिंह की कथित भूमिका और इस विवाद को न सुलझा पाने के कारण पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हुआ है। जेडीयू में इस बढ़ते तनाव और खींचतान को लेकर 5 नवंबर को एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिससे पार्टी की आगे की रणनीति और इन विवादों पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Updated on:
31 Oct 2026, 2:41 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 2:22 PM IST
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