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जदयू में घट रहा ललन सिंह का दबदबा? नीरज कुमार बोले- वरिष्ठ हैं तभी तो केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन पार्टी की साख बचाना जरूरी था

Bihar Politics: बिहार में MLC चुनावों के बाद JDU के भीतर ललन सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। नीरज कुमार ने ललन सिंह को पार्टी का वरिष्ठतम नेता बताते हुए समता पार्टी से जेडीयू तक उनके योगदान को स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी की साख बचना महत्वपूर्ण था और पार्टी नेतृत्व ने मतभेदों को गंभीरता से लिया।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 31 Oct 2026, 2:06 PM IST

neera kumar on lalan singh jdu rift

ललन सिंह पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया (फोटो - फेसबुक lalan singh/neeraj kumar)

Lalan Singh: बिहार में MLC चुनावों के दौरान जदयू के भीतर सामने आए आंतरिक मतभेद अभी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पार्टी के MLC नीरज कुमार के बीच कथित खींचतान ने पार्टी के भीतर ललन सिंह के मौजूदा प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जदयू ने जहां अनुशासनहीनता के आरोप में ललन सिंह के करीबी अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और हाल ही में चुने गए MLC नीरज कुमार ने ललन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

ललन सिंह को लेकर अब क्या बोले नीरज

नीरज कुमार से जब जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने ललन सिंह को पार्टी का बड़ा और वरिष्ठ नेता बताया था, तो नीरज कुमार ने कहा, "इसको कौन नकार सकता है? वो जदयू के वरिष्ठ नेता हैं, तभी तो वो केंद्र में मंत्री हैं। हमारे कोटे से दो ही मंत्री बने हैं।" उन्होंने आगे कहा कि समता पार्टी के दौर से लेकर जदयू की आज तक की पूरी यात्रा में ललन सिंह की भूमिका निर्विवाद है।

जदयू के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों पर नीरज कुमार ने कहा, "पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व ने इस मामले को गंभीरता से लिया और हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि पार्टी की विश्वसनीयता बनी रहे।"

ललन सिंह से मिलने के सवाल पर नीरज बोले- मैं तो हैदराबाद जा रहा

जब उनसे आगे पूछा गया कि क्या पटना लौटने पर उनकी ललन सिंह से मिलने की कोई योजना है, तो नीरज कुमार ने स्वास्थ्य संबंधी यात्रा का हवाला देते हुए इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा, "मैं कुछ मेडिकल चेक-अप के लिए हैदराबाद जा रहा हूँ।"

वहीं, पोस्टर से ललन सिंह की तस्वीर गायब होने और उनकी ओर से कोई बधाई संदेश न मिलने पर नीरज कुमार ने कहा, "अगर कोई बधाई देगा ही नहीं, तो हम कैसे ले लेंगे? आप दीजिएगा तब न हम लेंगे। जहां तक पोस्टर का सवाल है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह संगठन के लोग देखते हैं। मैं तो इस समय जनता का स्नेह, आशीर्वाद और अभिवादन स्वीकार करने में व्यस्त हूं।"

विवाद की जड़

यह विवाद पटना स्नातक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी लाइन और आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जाकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया। जहां जेडीयू की राज्य इकाई और नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों ने इस बगावत का कड़ा विरोध किया, वहीं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस मामले में अनंत सिंह के प्रति नरमी बरतते दिखाई दिए।

ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र मुंगेर के तहत आने वाले मोकामा में अनंत सिंह का मजबूत प्रभाव माना जाता है। आखिरकार, संगठन की साख पर बन आने के बाद पार्टी ने कड़ा फैसला लेते हुए अनंत सिंह को जदयू से निष्कासित कर दिया।

ललन सिंह के साथ नजर आ रहे अनंत सिंह

दूसरी ओर, पार्टी से निकाले जाने के बावजूद अनंत सिंह पूरी तरह से ललन सिंह के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों द्वारा 'ललन' कहे जाने पर भड़कते हुए अनंत सिंह ने कहा, "ललन बाबू बोलो या मंत्री जी बोलो। सीधे ललन कहने का क्या मतलब है? पता है कितने करोड़ ललन हैं? सही भाषा बोला करो, ऐसा लगता है ललन नाम लेकर अपने चेले को बुला रहे हो।"

वहीं, पार्टी से निकाले जाने के लिए अनंत सिंह ने सीधे तौर पर नीरज कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने बिल्कुल वैसा ही किया जैसा नीरज कुमार चाहते थे और यह बात पूरे इलाके में सबको पता है।