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भारत नहीं इस देश ने रखा Dana तूफान का नाम, जानें क्या है वजह

Cyclone Dana: सऊदी अरब ने चक्रवात दाना को यह नाम दिया है। बता दें कि दाना एक अरबी शब्द है और इसका अर्थ होता है ‘उदारता’। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार दाना का नाम कतर ने सुझाव दिया था।

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Oct 24, 2024

Cyclone Dana: चक्रवात दाना के कारण बंगाल से ओडिशा तक इस समय हाई अलर्ट मोड में है। दोनों राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात दाना (Cyclone Dana) अपना असर दिखाने लगा है। यह चक्रवात दाना गुरुवार देर रात ओडिशा के तट से टकराने वाला है। इसकी रफ्तार 110-120 किमी बताई जा रही है। इस तूफान से निपटने के लिए दोनों राज्यों की सरकार पहले ही बचाव कार्य में जुट गई हैं। दोनों राज्यों में NDRF की टीमें सतर्क हो गई हैं और सेना, नौसेना और तटरक्षक बल भी बचाव और राहत टीमें भी तैयारी में जुट गई हैं। IMD के मुताबिक यह भयंकर तूफान ओडिशा के पुरी और पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप के बीच प्रभाव डालेगा। आइए इस खबर में जानते है कि इस तूफान का नाम दाना किसने रखा और इस नाम का क्या अर्थ है…

सऊदी अरब ने दिया यह नाम

सऊदी अरब ने चक्रवात दाना को यह नाम दिया है। बता दें कि दाना एक अरबी शब्द है और इसका अर्थ होता है ‘उदारता’। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार दाना का नाम कतर ने सुझाव दिया था। एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व मौसम विज्ञान संगठन का कहना है कि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम देने से विशिष्ट तूफानों पर नजर रखना और चर्चा करना आसान हो जाता है, खासकर तब जब एक साथ कई तूफान सक्रिय हों।

नाम रखने के लिए ये नियम रखने होते है ध्यान

दरअसल, चक्रवात का नाम तय करने के लिए देशों को नियमों का पालन करना होता है। इस दौरान यह ध्यान रखना होता है कि उनके द्वारा सुझाए गए नाम किसी भी राजनीतिक हस्तियों, धार्मिक या किसी विवादास्पद प्रकृति की किसी भी चीज से जुड़े नहीं होने चाहिए।

2000 में नाम देने की हुई थी शुरुआत

साल 2000 में इनके नामकरण की शुरुआत विश्व मौसम संगठन/ एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के तहत हुई थी। शुरुआत में केवल 8 देशों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया था। जिसमें भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, श्रीलंका, पाकिस्तान और थाईलैंड शामिल थे। हालांकि 2018 में पांच और देश ईरान, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और यमन भी शामिल हो गए। ये देश अपनी तरफ से तूफानों का नाम देते हैं। अपनी-अपनी तरफ से इन देशों ने तूफानों का नाम प्रस्तावित किए हैं। WMO ने इन देशों द्वारा दिए गए नामों की सूची बना रखी है। यही कारण है कि तूफान आने से पहले यह तय हो जाता है कि उसका नाम क्या होगा। इस सूची को हर 6 साल में बदला जाता है।

Published on:
24 Oct 2024 09:30 pm
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