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कोर्ट से जमानत मिलते ही प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने ED और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Shikohpur Land Deal Case: शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से जमानत मिली। जमानत के बाद वाड्रा ने ED पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया।

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Robert Vadra

जमानत मिलते ही रॉबर्ट वाड्रा ने सरकार पर किया हमला (Photo-IANS)

Robert Vadra Statement: शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों और अदालतों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश होने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। हाल ही में कोर्ट ने इस मामले में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था, जिसके बाद वाड्रा को अदालत में पेश होना पड़ा।

ED पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप

मीडिया से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ED सरकार के निर्देशों पर काम कर रही है। वाड्रा ने खुद को निडर बताते हुए कहा कि वह सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे। इस दौरान सीनियर वकील देवदत्त कामत के साथ प्रतीक चड्ढा और अक्षत गुप्ता ने अदालत में उनकी तरफ से पैरवी की। यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला फरवरी 2008 में हुए एक जमीन सौदे से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने हरियाणा के शिकोहपुर में करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। बाद में यही जमीन साल 2012 में रियल एस्टेट कंपनी DLF को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दी गई। ED का आरोप है कि इस जमीन से जुड़े कागजी काम और डेवलपमेंट की मंजूरी बहुत तेजी से दी गई, जिसकी वजह से जमीन की कीमत काफी बढ़ गई। एजेंसी का कहना है कि यह पूरा सौदा कथित तौर पर गलत तरीके से कमाए गए पैसे को छिपाने और इस्तेमाल करने की योजना का हिस्सा था।

दिल्ली हाई कोर्ट में भी जारी सुनवाई

इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जिन मामलों की बात की जा रही है, वे साल 2008 से 2012 के बीच के हैं। इस मामले में PMLA कानून की कुछ धाराएं बाद में जोड़ी गई थीं। वहीं ED की तरफ से वकील जोहेब हुसैन ने इस दलील का विरोध किया। अब हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 मई के लिए तय की है।