
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील से देश का आभूषण उद्योग गंभीर संकट में आ जाएगा।
सुरजेवाला ने यह बातें कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। सुरजेवाला ने कहा कि जुलाई 2020 से अगस्त 2025 के बीच 75,082 एमएसएमई बंद हो चुके हैं। 2015-16 से 2022-23 के बीच असंगठित विनिर्माण क्षेत्र में 18 लाख एमएसएमई बंद हो गए। अब प्रधानमंत्री छोटे सुनार, कारीगर, व्यापारियों की आजीविका को खत्म करने और देश में तबाही मचाने का रास्ता खोल रहे हैं। उन्होंने इसे भाजपा निर्मित त्रासदी और क्रूर अमानवीय अत्याचार बताया। सुरजेवाला ने बताया कि आभूषण क्षेत्र भारत की जीडीपी में लगभग सात प्रतिशत योगदान देता है और देश के कुल व्यापारिक निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सीधे तौर पर 50 लाख से अधिक कारीगरों को रोजगार देता है और इससे लगभग साढे तीन करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह चेतावनी दी कि गहनों की मांग में एक साल की गिरावट इस उद्योग को तबाह कर सकती है।
सुरजेवाला ने आशंका जताई कि आयात शुल्क 15 प्रतिशत होने से सोने की तस्करी को बढ़ावा मिलेगा। जब शुल्क छह प्रतिशत था, तब भी सालाना 10 से 15 मीट्रिक टन सोने की तस्करी हो रही थी। उन्होंने तंज करते हुए यह भी पूछा कि जब मोदी सरकार खुद पिछले सात महीनों में 85.88 मीट्रिक टन सोना खरीद चुकी है, तो आम लोगों को सोना न खरीदने की सलाह क्यों दी जा रही है? -एक्साइज ड्यूटी से सरकार ने वसूले 1,000 करोड़ रुपए प्रतिदिन सुरजेवाला ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर तीखा हमला बोला। 2014 से 2025 के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर भारी एक्साइज ड्यूटी लगाकर जनता से 43 लाख करोड़ रुपए वसूले हैं, जो लगभग 1,000 करोड़ रुपए प्रतिदिन बैठते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में कच्चे तेल की कीमत औसतन 100-108 डॉलर प्रति बैरल थी और पश्चिम एशिया युद्ध के समय को छोडक़र मोदी सरकार के कार्यकाल में कच्चे तेल के दाम औसतन 70 डॉलर प्रति बैरल रहे हैं। इस हिसाब से देश में पेट्रोल 61.60 रुपए और डीजल 56.99 रुपए प्रति लीटर मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी घटाने का भी जनता को कोई फायदा नहीं मिला, इसका पूरा फायदा सिर्फ तेल कंपनियों की जेब में गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ाने का झूठा दावा करती है और चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए जाते हैं।
Published on:
16 May 2026 10:25 am
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