LPG की किल्लत से बचने के लिये सरकार का एक और अहम फैसला आया है। अब से पाइप गैस लाइन (पीएनजी) यूज करने वाले एलपीजी सिलेंडर नहीं रख पायेंगे!
देश में एलपीजी की मांग और मध्य पूर्व संकट के बीच तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन घरों में पाइप्ड गैस (पीएनजी) कनेक्शन है, वे घरेलू एलपीजी सिलेंडर नहीं रखेंगे। मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर आदेश जारी किया है। नए नियमों के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ता अब न तो नया एलपीजी कनेक्शन ले पाएंगे और न ही किसी की रिफिल करा पाएंगे। ऐसे परिवार को तुरंत अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
ईरान-सार्वजनिक स्तर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक स्तर पर तनाव से एलपीजी प्रभावित होने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस देश में पैनिक कोकॉक्शन का ढांचा, जहां प्रतिदिन 75 लाख से 88 लाख की बुकिंग हो रही थी। सरकार ने पहले ही शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन का इंतजार अनिवार्य कर दिया है।
मिनिस्ट्री की ज्वाइंट कंसल्टेंट सुजाता शर्मा ने कहा कि 1.5 करोड़ घरों में पीएनजी कनेक्शन है, जहां स्टोअर्ड बिना स्ट्रक्चर जारी है। इसके अलावा करीब 60 लाख घर पीएनजी पाइपलाइन के खुलने से वे आसानी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं। इससे एलपीजी की बचत होगी और उन क्षेत्रों में जहां पीएनजी नहीं है।
सरकार का लक्ष्य है कि पीएनजी को बढ़ावा दिया जाए, क्योंकि पीएनजी साफ, सुरक्षित और स्थिर उपलब्ध है। हालांकि, पुराने जमाने में दोनों को बनाए रखा जाना बाकी था, लेकिन अब डुप्लिकेशन पर रोक लगा दी गई है। उद्यमियों को सलाह दी जाती है कि पीएनजी तत्काल उपलब्ध हो, ताकि एलपीजी संकट से बचा जा सके। यह कदम घरेलू श्रमिकों को विशेषता प्रदान करता है, सर्वोत्तम वितरण सुनिश्चित करता है।