
Iran Crisis (Image: Gemini)
Iran Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच पांच भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। केंद्र सरकार ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रभावित भारतीयों की मदद के लिए क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।
नई दिल्ली में आयोजित सरकारी प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि लापता भारतीय नागरिक की तलाश जारी है और मृतकों के पार्थिव शरीर को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ओमान के सोहर शहर में हुए एक हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य भारतीय घायल हुए। हालांकि घायलों में से किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों, अस्पतालों और प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार के मुताबिक होर्मुज क्षेत्र में कई भारतीय जहाज फिलहाल आगे बढ़ने के इंतजार में रुके हुए हैं। पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय जहाजों पर 611 नाविक, जबकि पूर्वी हिस्से में तीन जहाजों पर 76 नाविक मौजूद हैं। इन जहाजों में एलपीजी, एलएनजी, कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर जहाज और अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
इस बीच राहत की खबर यह है कि भारत के झंडे वाले दो एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित रूप से खाड़ी क्षेत्र से आगे बढ़ चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं। ये दोनों जहाज लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार शिवालिक जहाज के 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि नंदा देवी 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है।
सरकार के अनुसार भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 85-90 प्रतिशत आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है। इसलिए क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार हो रहे हमलों और तनाव के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
Updated on:
14 Mar 2026 09:07 pm
Published on:
14 Mar 2026 09:07 pm
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