
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (इमेज सोर्स: एक्स ANI)
Karnataka Politics: कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धरामैया पर तीखा हमला बोला। BJP राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिद्धरामैया को 'आउटगोइंग चीफ मिनिस्टर' करार दिया और दावा किया कि वे जल्द ही पद से इस्तीफा दे देंगे। नारायणस्वामी ने कहा कि सिद्धरामैया ने अपना पूरा जीवन राजनीति में बिताया है और अक्सर कहते हैं कि वे सांस चलते रहने तक जनसेवा में बने रहेंगे। लेकिन उन्होंने पूछा, 'राजनीति उनकी जिंदगी रही है, लेकिन राज्य की जनता ने उन्हें राजनीतिक जीवन दिया, उन्होंने जनता को क्या दिया?'
हाल ही में सिद्धरामैया द्वारा अपने बेटे और कांग्रेस MLC यथिंद्र के लिए आशीर्वाद मांगने के बयान का जिक्र करते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि CM अब अपनी राजनीतिक करियर के अंत की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'वे अब लोगों से अपने बेटे के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं। राज्य की जनता के लिए बोलने के बजाय बेटे के लिए बोल रहे हैं। ये एक नेता के राजनीतिक जीवन के अंतिम चरण के शब्द हैं।'
नारायणस्वामी ने राज्या सभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले समय में सिद्धरामैया अपनी स्थिति खो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक वे कहते थे कि पांच साल CM रहेंगे। अब वे ऐसा कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। वे फिलॉसॉफिकल बयान दे रहे हैं, अपनी समय समाप्त होने की बात कर रहे हैं और बेटे की सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। जल्द ही इस्तीफा देंगे।
पूर्व CM देवराज उर्स के रिकॉर्ड को तोड़ने के सिद्धरामैया के दावे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, उर्स के मुकाबले सालों या बजट पेश करने की संख्या में आगे हो सकते हैं, लेकिन उर्स के योगदान से मुकाबला नहीं कर सकते। 17 बजट पेश करना रिकॉर्ड हो सकता है, लेकिन जनता को इससे कुछ हासिल नहीं हुआ।
अगले CM के बारे में पूछे जाने पर नारायणस्वामी ने कहा कि यह कांग्रेस का फैसला है, लेकिन आरोप लगाया कि पार्टी दलित नेता को CM नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा, 'दलितों को बार-बार न्याय से वंचित किया गया है। आजादी के इतने साल बाद भी उन्हें सिर्फ वोट बैंक बनाया जाता है। सिद्धरामैया ने दलितों को CM बनने का मौका नहीं दिया।'
उन्होंने सिद्धरामैया पर एंटी-दलित होने का आरोप लगाते हुए कहा कि SCSP/TSP स्कीम के तहत दलितों के लिए आवंटित फंड्स को गारंटी योजनाओं में डायवर्ट किया गया। कानून के बावजूद SCSP/TSP फंड्स सिर्फ दलितों के लिए होते हैं, लेकिन 15,000 करोड़ रुपये गारंटी स्कीम्स में इस्तेमाल किए गए। कुछ कांग्रेस MLA भी विरोध कर चुके हैं। इंटरनल रिजर्वेशन ठीक से लागू नहीं किया, और ज्यादा समस्याएं छोड़ रहे हैं।
Updated on:
14 Mar 2026 10:01 pm
Published on:
14 Mar 2026 09:55 pm
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