यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर RHFL (जो रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की एक कंपनी है) उसके प्रमोटरों या निदेशकों और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ यह आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया गया था, जिससे यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (पूर्ववर्ती आंध्रा बैंक) को 228.06 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, RHFL के खाते को 30 सितंबर, 2019 को नॉन-परफ़ॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया गया था, और बाद में 10 अक्टूबर, 2024 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इसे धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत किया गया।