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LPG News: ब्लैक मार्केट में भी बढ़ सकते हैं सिलेंडर के दाम, पंजाब के बाद क्या पूरे देश में महंगा होगा खाना?

Punjab restaurant price hike: पंजाब के बाद दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में भी खाने के दाम बढ़ सकते हैं। एलपीजी ब्लैक मार्केटिंग और महंगाई का कहां कितना असर होगा, यहां जानिए।

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भारत

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Mukul Kumar

May 02, 2026

LPG सिलेंडर। (फाइल फोटो- ANI)

पंजाब में आम आदमी की जेब अब और ढीली होने वाली है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी के बाद होटल और रेस्टोरेंट वाले 20 प्रतिशत तक खाने के दाम बढ़ाने जा रहे हैं।

महंगाई पहले से ही परेशान कर रही थी, अब ब्लैक मार्केटिंग बढ़ने की आशंका ने लोगों के बीच खलबली और बढ़ा दी है। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह ने कहा कि सोमवार को मीटिंग बुलाई गई है।

वहां फैसला लेकर अगले वीकेंड से राज्य में खाने-पीने के सामानों पर नई रेट लिस्ट लगा दी जाएगी। पूरे पंजाब में 80 हजार से ज्यादा होटल-ढाबे और रेस्टोरेंट हैं।

अमरवीर सिंह ने बताया कि खाना बनाने का खर्च 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गया है। कई रेस्टोरेंट मालिक पुरानी दरों पर खाना देना मुश्किल बता रहे हैं।

ब्लैक मार्केट में सिलेंडर के दाम बढ़ने की आशंका

1 मई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब एक सिलेंडर 3099 रुपये (दिल्ली में) का हो गया है। जनवरी से लेकर अब तक कुल 1491 रुपये 50 पैसे महंगा हो चुका है।

मार्च-अप्रैल में एलपीजी की कमी के समय ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत तेज हो गई थी। सिलेंडर नॉर्मल दाम से कहीं ज्यादा में बिक रहे थे। अब यह समस्या और बड़ी हो सकती है।

पूरी तरह से बंद थी कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई

मार्च-अप्रैल तक कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में एक ऑर्डर भी जारी किया गया था। हालांकि अप्रैल में कुछ राहत मिली। अब मई में 70 प्रतिशत लेवल पर सप्लाई चल रही है।

1 मई को कीमत में भारी बढ़ोतरी के बाद फोकस अब उपलब्धता पर है, जो अभी भी कमर्शियल यूजर्स (होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योग) के लिए सीमित है।

हाल ही में यह भी खबरें आईं थीं कि बिजनेस सुचारु रूप से जारी रखने के लिए लोग ब्लैक मार्केट में 5-6 हजार रुपये देकर भी सिलेंडर खरीदने पर मजबूर हैं।

सप्लाई कम रहने पर ब्लैक मार्केटिंग बढ़ने के आसार

अब सबसे चिंताजनक बात यह है कि अगर होटलों में सिलेंडर की सप्लाई कम हुई तो वे अपनी खपत पूरा करने के लिए ब्लैक मार्केट का सहारा लेंगे।

इस बीच अनुमान है कि कमर्शियल सिलेंडर के जो दाम अभी बढ़े हैं, वे काला बाजार में भी सिलेंडर के दाम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में ब्लैक मार्केट में अब तक सिलेंडर के दाम जो चल रहे थे, कीमत बढ़ने के बाद वह 8 हजार तक पहुंच सकते हैं।

लुधियाना में दाम बढ़ाने की चर्चा

लुधियाना होटल एसोसिएशन ने भी अगले हफ्ते से दाम बढ़ाने की बात कही है। रिबूट और फ्लैंबियो जैसे रेस्टोरेंट चलाने वाले विशाल मल्होत्रा कहते हैं कि सिलेंडर 3000 रुपये पार कर गए हैं। खर्चा बहुत बढ़ गया है, अब ग्राहकों को ही बोझ उठाना पड़ेगा।

अमरवीर सिंह ने सरकार से अपील की है कि LPG के दाम कम किए जाएं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन से जुड़े ज्यादातर होटल-रेस्टोरेंट ने अभी तक दाम नहीं बढ़ाए थे। जो थोड़े बहुत बढ़े भी हों, वो मामूली थे।

दूसरे राज्यों में भी महंगाई का असर

पंजाब के बाद यह महंगाई का असर दूसरे राज्यों में भी दिख सकता है। अनुमान यह है कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी होटल-रेस्टोरेंट वाले दाम बढ़ा सकते हैं।

कुछ दिनों पहले आज तक से बात करते हुए लखनऊ में एक रेस्टोरेंट चलाने वाले शख्स ने खुलकर कहा था कि अगर गैस के दाम कम नहीं हुए तो हमें मजबूरन खाने के रेट में बदलाव करने होंगे। दिल्ली, हरियाणा और बिहार के रेस्टोरेंट संचालकों ने भी इसी तरह का बयान दिया था।

छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वाले ज्यादा परेशान

ब्लैक मार्केटिंग बढ़ने से छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वाले ज्यादा परेशान हैं। कई जगहों पर लोग महंगे दाम देकर भी सिलेंडर नहीं पा रहे। इससे पूरे उत्तर भारत में खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ सकती है।

लुधियाना के एक ग्राहक ने गुस्सा जताया। उन्होंने कहा- मार्च में ही अमृतसरी नान-छोले 60 रुपये से 70 रुपये हो गए थे। अब फिर बढ़ोतरी? छोटे ढाबों ने भी दाम चढ़ा दिए। ये दोहरी मार है।

मिडिल क्लास परिवारों पर बोझ

देश में महंगाई पहले से सब्जी, दाल, आटा सब कुछ महंगा कर रही है। ऐसे में बाहर खाना अब लग्जरी बन गया है। मिडिल क्लास परिवार वीकेंड पर भी दो बार सोच रहे हैं।

उद्योग वाले कह रहे हैं कि यह असर सिर्फ बड़े होटलों तक नहीं, छोटे ढाबों और रोजाना खाने वालों पर भी पड़ेगा ।अगर सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो पूरे उत्तर भारत में खाने-पीने का खर्च और बढ़ सकता है। फिलहाल आम लोग महंगाई के इस नए झटके से जूझ रहे हैं।