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’10 हजारों सालों तक हॉर्मुज खुला रहा, उसकी सुरक्षा के लिए खूब खर्च किए’, भारत में ईरानी नेता ने क्या कहा?

Iran-US Tension: ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा- 28 फरवरी 2026 से पहले हार्मुज खुला था, युद्ध शुरू करने वाले देशों ने संकट पैदा किया। अमेरिका-इजराइल को रोकना चाहिए।

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भारत

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Mukul Kumar

May 02, 2026

Strait Of Hormuz

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बार फिर अमेरिका और इजराइल पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट का संकट किसी और ने नहीं, बल्कि युद्ध शुरू करने वालों ने पैदा किया है।

उन्होंने साफ कहा कि 28 फरवरी 2026 से पहले यह स्ट्रेट पूरी तरह खुला था। दुनिया के तमाम देशों को इसका फायदा मिल रहा था। ईरान खुद इसकी सुरक्षा पर सालाना अरबों खर्च करता था। लेकिन कुछ देशों ने युद्ध छेड़ दिया, तो सब कुछ बिगड़ गया।

ईरान ने 10 हजार साल पुरानी शांति का जिक्र किया

डॉ हकीम इलाही ने कहा कि 10 हजार साल से हॉर्मुज खुला रहा। ईरान ने हमेशा इसकी सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन अब जो स्थिति बनी है, उसके लिए युद्ध शुरू करने वाले देश जिम्मेदार हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने संकट पैदा किया, उन्हें ही इसे रोकना चाहिए। युद्ध रुकते ही सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जाएगा।

शक्तिशाली देशों की मानसिकता पर सवाल

ईरानी प्रतिनिधि ने बड़ी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक सोच है कि जो देश ताकतवर है, वो जो चाहे कर सकता है। वो निर्दोष लोगों पर हमला कर सकता है, किसी भी देश पर हमला कर सकता है, किसी को भी मार सकता है। और किसी को कुछ बोलने का हक नहीं। बस 'थैंक यू' कहना है।

अगर कोई समस्या हो तो फिर उसी को दबाव डालकर मना लिया जाता है जिस पर हमला हुआ हो। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अमेरिका और जियोनिस्ट रेजीम (इजराइल) से युद्ध रोकने को क्यों नहीं कहा जाता?

तेल की कीमत बढ़ने की उम्मीद

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। भारत समेत कई देश इस रास्ते से अपना तेल आयात करते हैं। अगर यहां संकट बढ़ा तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।

डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही का यह बयान ईरान की साफ चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। ईरान लगातार कह रहा है कि युद्ध बंद हो तो इलाके में शांति लौट आएगी और स्ट्रेट फिर से सबके लिए खुल जाएगा।

दुनिया को देना चाहिए संदेश

ईरानी प्रतिनिधि ने दुनिया से अपील की है कि सच्चाई को समझा जाए। ताकत के बल पर निर्दोषों को दबाने की मानसिकता खत्म होनी चाहिए। युद्ध शुरू करने वालों को ही जिम्मेदारी लेनी चाहिए और बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कई देश इस संकट को लेकर चिंतित हैं क्योंकि इससे न सिर्फ तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।