
Tiger Shroff Firing Case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने हरियाणा के करनाल से सुनैना पंडित को गिरफ्तार किया है। वह इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और गैंग लीडर अनिल पंडित की रिश्तेदार बताई जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक, सुनैना ने अनिल पंडित के निर्देश पर हमले के लिए पैसों का इंतजाम करने में मदद की थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सुनैना ने बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की थी। इनमें आरोपी अमर मुंडेलिया को भेजी गई रकम भी शामिल है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले में पैसों के लेन-देन और बैंक खातों की जांच कर रही है। पुलिस सुनैना को हिरासत में लेने के लिए मकोका कोर्ट में रिमांड की मांग करेगी। मुख्य आरोपी अनिल पंडित अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इससे पहले शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से मामले के 12वें आरोपी अमर को गिरफ्तार किया था। उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया। आरोपी को विशेष मकोका अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी।
सुनवाई के बाद आरोपी के वकील अजिंक्य मिरगल ने ANI से कहा कि पुलिस ने अमर को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामला QR कोड के जरिए हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है और इससे संबंधित जानकारी बैंक से हासिल की जा सकती है। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को 6 तारीख तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मुंबई पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA), 1999 की धाराएं लगाई हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद 27 अक्टूबर को सक्षम प्राधिकारी से मकोका लगाने की अनुमति मिली। फिर मामले में मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) जोड़ी गईं। पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, फंडिंग और कथित संगठित अपराध नेटवर्क की जांच कर रही है।
यह घटना 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल क्लब में खेलकर बाहर निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।