2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मोबाइल ग्राहकों के लिए TRAI के नए शिकायत नियम, जानिए 24 घंटे की सुविधा से लेकर जुर्माने तक की पूरी जानकारी

TRAI के नए नियमों से मोबाइल ग्राहकों को 24 घंटे शिकायत दर्ज कराने, रोजाना 16 घंटे असली कर्मचारी से बात करने और 15 दिन में अपील के निपटारे की सुविधा मिलेगी। नियम तोड़ने पर कंपनियों पर 20 लाख तक जुर्माना लग सकता है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 3 Nov 2026, 1:00 AM IST

TRAI new rules

AI Image-(ChatGpt)

TRAI New Rules: देश के 130 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के इन नियमों के तहत अब ग्राहक 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। रोजाना कम से कम 16 घंटे किसी असली कर्मचारी से बात करने की सुविधा मिलेगी और अपील का निपटारा 15 दिन में होगा। शिकायत से बचने या उसे न सुलझाने पर कंपनियों पर 1,000 रुपए से 20 लाख रुपए तक जुर्माना लगेगा। निपटारे की पूरी व्यवस्था बनाना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।

ग्राहकों को ये तीन बड़ी राहत

24 घंटे शिकायत: ग्राहक कंपनी के मोबाइल ऐप से भी दिन-रात कभी भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। असंतुष्ट होने पर अपील भी कर सकेंगे।

16 घंटे असली कर्मचारी: कंपनियों को रोजाना कम से कम 16 घंटे किसी असली कर्मचारी से बात करने की सुविधा देनी होगी।

15 दिन में अपील का निपटारा: अपील की अवधि 30 दिन से घटाकर 15 दिन की गई है। अपीलीय प्राधिकरण को भी 15 दिन में अंतिम फैसला देना होगा।

यूं जानें कितना जुर्माना

शिकायत गलत तरीके से खारिज करने या ठीक से न सुलझाने पर प्रति शिकायत 1,000 रुपए तक दंड।

अपील गलत तरीके से खारिज करने या ठीक से न निपटाने पर प्रति अपील 5,000 रुपए तक दंड।

एक दूरसंचार क्षेत्र (सर्कल) में एक तिमाही का कुल अधिकतम दंड 20 लाख रुपए।

नियम न मानने या शिकायत-अपील की जांच में गड़बड़ी मिलने पर भी दंड संभव।

ट्राई ने पहले 50 लाख रुपए तक जुर्माना प्रस्तावित किया था, जिसे अंतिम नियमों में घटाकर प्रति सर्कल, प्रति तिमाही 20 लाख रुपए किया गया।

ये भी प्रमुख बदलाव

सिर्फ मशीन के भरोसे नहीं: कंपनियां एआई चैटबॉट (मशीन से चलने वाली स्वचालित बातचीत प्रणाली) इस्तेमाल कर सकेंगी, पर इंसानी निगरानी जरूरी होगी, ताकि जटिल शिकायतों में ग्राहक मशीनी जवाबों तक सीमित न रहें।

दिव्यांगों के लिए अलग हेल्पलाइन: कंपनियों को दिव्यांग ग्राहकों के लिए अलग सहायता केंद्र या हेल्पलाइन बनानी होगी।

सीईओ-बोर्ड तक पहुंचेगी प्रतिक्रिया: शिकायतों और उनके निपटारे पर ग्राहकों की प्रतिक्रिया अब कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) या निदेशक मंडल तक पहुंचेगी।

नियम तोड़ने पर दंड: प्रबंधन की जवाबदेही तय की गई है। जरूरी रिपोर्ट समय पर जमा न करने पर भी आर्थिक दंड लगेगा।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय