
TMC Bank Account Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टूटकर बिखर गई। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और विधायक के जाने के बाद अब पार्टी के बैंक खाते को लेकर घमासान जारी है। TMC के बैंक अकाउंट के बारे में TMC विधायक कुणाल घोष का बयान सामने आया है। कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह चिट्ठी मैंने लिखी थी, उस समय वे वहीं थे।
बंगाल के आनंदबाजार अखबार के पहले पन्ने पर मैंने पूरी सीरीज छापी थी, जिस TMC अकाउंट के खिलाफ ऋतब्रत बनर्जी ने शिकायत की है, उसी अकाउंट से ऋतब्रत बनर्जी ने 25 लाख रुपये लिए और चुनाव लड़ा। उनका कुल खर्च 26-27 लाख रुपये था, जिसमें से 25 लाख रुपये तृणमूल के उसी अकाउंट से लिए गए थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक स्पेशल ऑफिसर (रिटायर्ड जस्टिस सुब्रत तालुकदार) को नियुक्त किया है, ताकि TMC रोजमर्रा के खर्चों के लिए अपने तीन फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट्स को कुछ समय के लिए इस्तेमाल कर सके। कोर्ट ने कहा कि अकाउंट फ्रीज करने का आदेश देने के लिए पुलिस ने जो सबूत दिखाए, उनसे वह संतुष्ट नहीं था।
TMC के बैंक अकाउंट्स को ED द्वारा फ्रीज किए जाने पर पश्चिम बंगाल के नेता दिलीप घोष ने कहा कि सब जानते हैं कि TMC के पास पैसा है। यह एक छोटी क्षेत्रीय पार्टी है, फिर भी इसके पास इतना पैसा है। और बिना हिसाब-किताब वाला कैश, आधिकारिक तौर पर दर्ज रकम से कई गुना ज्यादा है। अब तक सिर्फ हिसाब-किताब वाला पैसा ही सामने आया है और जब्त किया गया है। लेकिन उस पैसे का क्या जो अभी भी छिपा हुआ है? उसका भी पता लगाया जाएगा। अभी भी खेतों के नीचे से कैश मिल रहा है। कॉलेज के कॉमन रूम में नोटों से भरे बैग मिले हैं, जिनमें से कुछ नोट इतने पुराने हैं कि वे सड़ने लगे हैं। सवाल यह है कि यह सारा पैसा कहां से आ रहा है? इसकी भी पूरी जांच की जाएगी।
PMLA के तहत TMC के 440 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट को ED द्वारा फ्रीज किए जाने पर BJP नेता केया घोष ने कहा कि जब एजेंसी को लगा कि रकम या पार्टी फंड में कुछ गड़बड़ी है, तो उन्होंने ऐसा किया। इसलिए TMC को कोर्ट जाने दें, उन्हें अपील करने दें और सच सामने आने दें। हम फंड के सोर्स जानना चाहते हैं।