
Kunal Ghosh Attack: कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष की कार पर फिर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बाइक सवार बदमाशों ने एक बार फिर रविवार को विधायक कुणाल घोष की गाड़ी को निशाना बनाया। कुणाल घोष का आरोप है कि बदमाशों ने उनकी कार में तोड़फोड़ की और उन पर हथौड़े से हमला करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन पर बंदूक तान दी। कुणाल घोष ने अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाते हुए घटना के बाद नर्केलडांगा पुलिस थाने में शरण ली।
इस घटना पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुणाल घोष पर 18 घंटे के भीतर दूसरी बार हमला किया गया है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को निशाना बनाया और उन्हें परेशान किया।
कुणाल घोष के मुताबिक, बाइक पर आए बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेरकर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने हथौड़े से वार किया और एक आरोपी ने उनकी ओर बंदूक तान दी। टीएमसी विधायक ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर यह हमला दोबारा किया गया है। अपनी जान को खतरा बताते हुए कुणाल घोष सीधे नर्केलडांगा पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के सामने हमले की शिकायत रखी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट में कहा कि अगर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सुरक्षा की यह स्थिति है तो पश्चिम बंगाल के आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने राज्यपाल आरएन रवि से तत्काल हस्तक्षेप करने और पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजी तथा कोलकाता पुलिस आयुक्त से बात करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हर आरोपी की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए और राजनीतिक हिंसा तथा डराने-धमकाने का यह सिलसिला बंद होना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुणाल घोष को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने पाला बदलने से इनकार कर दिया। उन्होंने भाजपा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उसे लगता है कि पश्चिम बंगाल में उसे जनता का जनादेश मिला है तो फिर विरोध करने वालों के खिलाफ कथित तौर पर डराने-धमकाने की रणनीति क्यों अपनाई जा रही है।
इससे पहले शनिवार को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में कुणाल घोष की कार पर पत्थर, ईंट और अंडे फेंके गए थे। उस समय वह सेरमपुर में ममता बनर्जी की सभा में शामिल होने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी वीडियो में कुछ लोगों को उनकी गाड़ी के आसपास जमा होकर नारे लगाते देखा गया। घटना में कार का शीशा टूट गया था।
कुणाल घोष ने आरोप लगाया था कि काले झंडे लिए लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और रास्ता रोककर 'गो बैक' के नारे लगाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के मौके पर मौजूद नहीं होने का भी आरोप लगाया था। बाद में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घटना को लेकर टीएमसी नेताओं ने भाजपा पर हमले की साजिश का आरोप लगाया था।