बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने ऐसी बात कह दी, जिससे पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। जानिए उन्होंने पीठासीन जगदंबिका पाल को लेकर क्या कहा...
संसद के बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने स्पीकर चेयर पर मौजूद जगदंबिका पाल को संबोधित करते हुए कहा कि आप हमको बाहर डार्लिंग कहकर पुकारता है और इधर हमको टाइम नहीं देता है। इसके बाद सदन में खूब ठहाके लगे।
दरअसल, बजट सत्र के दौरान कल्याण बनर्जी ने बिना नाम लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र किया। उन्होंने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा कि किताब कब छपेगी या नहीं छपेगी। यह कुछ सवाल है। किताब जब जनता के बीच पहुंचेगी तो इस पर समालोचन किया जाएगा। पाठक इस पर अपनी राय रखेंगे। इस पर स्पीकर चेयर पर मौजूद जगदंबिका पाल ने उन्हें टोका और बात जल्द से जल्द पूरी करने को कहा।
जगदंबिका पाल के टोके जाने पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि स्पीकर सर आप बाहर मुझे डार्लिंग बुलाते हैं और यहां समय नहीं देते। समय तो दीजिए डार्लिंग को। इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। वहीं, कल्याण बनर्जी ने आगे कहा कि आज इस देश को चार लोग कंट्रोल करते हैं। दो आदमी देश की संपत्ति बेच देते हैं और दो खरीद लेते हैं, चारों आदमी गुजरात से हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2013 में यूपीए सरकार ने बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत ट्रेड फेसिलिटेशन और पब्लिक स्टॉक होल्डिंग समझौता किया था, इसके तहत जनवरी 2017 से भारत के किसानों से खरीद नहीं हो सकती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता देश के डब्ल्यूटीओ के सामने सरेंडर करने जैसा था। यदि 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते तो गरीबों को राशन देना भी संभव नहीं होता। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष शोर से सच्चाई नहीं दबा सकता।
सीतारमण ने कहा कि सरकार डेटा सेंटर को प्रोत्साहन दे रही है, ताकि देश का डेटा भारत में ही रहे और युवाओं को रोजगार मिले। इंडिया एआइ मिशन के लिए एक हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे 20 हजार से अधिक लोगों को गांवों में रोजगार मिलेगा। 10 हजार टूरिस्ट गाइड भी तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पूर्वोदय योजना का अहम हिस्सा है। दुर्गापुर इस्टर्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का एंकर होगा और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड ट्रेन से उत्तर बंगाल को लाभ मिलेगा।