
TMC Rebel MPs: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हुए 20 बागी सांसदों को सदन में अलग बैठने की मंजूरी दे दी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन बागी सांसदों को संसद के मानसून सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक के लिए भी आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है।
स्पीकर ने अभी तक टीएमसी के बीस बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने की अर्जी पर निर्णय नहीं किया है। वहीं एनसीपीआई के नेता के तौर पर सुदीप बंदोपाध्याय और चीफ व्हिप के तौर पर काकोली घोष को कल होने वाली सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है।
टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने खुद को एक पंजीकृत क्षेत्रीय दल, नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने का दावा किया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इन 20 सांसदों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सदन में बैठने की अलग व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस नए गुट (NCPI) का नेता सुदीप बंदोपाध्याय को बनाया गया है, जबकि डॉ. काकोली घोष को पार्टी का चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए इन बागी सांसदों को आधिकारिक पत्र भेजा है। मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें सभी दलों को विधायी कार्यों और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया गया है।
तृणमूल कांग्रेस के इस विभाजन के साथ ही, लोकसभा में विपक्ष का गणित पूरी तरह से बदल गया है। वहीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उनके अधिकांश सांसद अब एनडीए खेमे के साथ जाने की तैयारी कर चुके हैं।
लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर 20 सांसदों के साथ NCPI का नाम दिखाई देगा।इसके बाद NCPI लोकसभा में पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। TMC के सांसदों की संख्या 28 से घटकर 8 और शिवसेना (UBT) की संख्या घटकर 3 हो जाएगी। जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना की संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी।