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जंगल की ‘टॉक’ आवाज़ ने कराई ‘काली नाइट फ्रॉग’ की खोज

कर्नाटक में हाल ही में मेंढक की एक नई प्रजाति की खोज हुई है। कैसे खुला इसका राज़? आइए जानते हैं।

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Mar 28, 2026
Kali night frog

कर्नाटक के काली टाइगर रिज़र्व में वैज्ञानिकों और वन कर्मियों की संयुक्त टीम ने मेंढक की नई प्रजाति न्यक्तिबाट्रैकस काली (काली नाइट फ्रॉग) की खोज की है। यह खोज अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुई है और इसे देश की समृद्ध जैव विविधता में महत्वपूर्ण इजाफा माना जा रहा है। देश में फिलहाल 474 उभयचर प्रजातियाँ दर्ज हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह क्रिप्टिक प्रजाति है, जो दिखने में कुंबारा नाइट फ्रॉग जैसी है, लेकिन आनुवंशिक रूप से अलग है। यह प्रजाति पश्चिमी घाट के कासलरॉक क्षेत्र में पाई गई, जो पहले ज्ञात क्षेत्र से 100 किलोमीटर दूर है।

आवाज़ से खुला राज़

मणिपाल प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी), बेंगलूरु में असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च की मुख्य लेखिका डॉ. प्रीति हेब्बार ने बताया कि इस मेंढक की पहचान उसकी खास टॉक जैसी आवाज़ से हुई, जो लकड़ी काटने की आवाज़ जैसी लगती है। रिसर्च में पाया गया कि इसकी कॉल और डीएनए संरचना अन्य 34 प्रजातियों से अलग है। डिप्टी रेंज वन अधिकारी सी. आर. नाइक ने बारिश के दौरान मोबाइल पर मेंढक की आवाज रिकॉर्ड की, जिससे रिसर्च को नई दिशा मिली। वनकर्मी रमेश बडिगेर ने मेंढकों का पता लगाने और प्रजनन व्यवहार को दर्ज करने में मदद की।

वैज्ञानिक अनुसंधान में योगदान

वन विभाग के फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने इस नई प्रजाति की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उनकी वैज्ञानिक सोच और उत्साह को दर्शाता है। ये संरक्षण और विकास कार्यों के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान में भी योगदान दे रहे हैं।

दुनिया में मेंढक की कितनी प्रजातियाँ हैं?

दुनिया में मेंढक की प्रजातियों की संख्या लगभग 7953 है। ये कुल उभयचर प्रजातियों का लगभग 88% हिस्सा हैं। उभयचरों की कुल ज्ञात प्रजातियाँ 9012 हैं, जिनमें मेंढक और टोड सबसे ज़्यादा हैं। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों जैसे एमेज़ॉन, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में सबसे विविध मेंढक पाए जाते हैं। मेंढक पानी और धरती दोनों पर निर्भर रहते हैं। हर साल मेंढकों की 100-200 नई प्रजातियाँ ढूंढी जाती हैं, इसलिए इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। मेंढकों के संरक्षण के प्रयास जैसे वेटलैंड सुरक्षा और जागरूकता ज़रूरी हैं। वैज्ञानिक लगातार नई प्रजातियों की रिसर्च कर रहे हैं, जिससे जैव विविधता की बेहतर समझ बढ़ रही है। मेंढक बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Updated on:
28 Mar 2026 07:42 am
Published on:
28 Mar 2026 07:29 am
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