राष्ट्रीय

संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन आज, दुबे बोले- राहुल देश बांटने की प्लानिंग कर रहे

संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आज आखिरी दिन है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एकबार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला है। पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
Feb 13, 2026
लोकसभा में राहुल गांधी। (फोटो- ANI)

संसद के बजट सत्र का आज तेरहवां दिन है। यह सत्र दो चरणों में होगा। आज पहले चरण का आखिरी दिन है। इसके बाद 23 दिनों का लंबा ब्रेक है। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने वाले झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने X पर पोस्ट कर हमला बोला है।

ये भी पढ़ें

राहुल के खिलाफ निशिकांत दुबे ने दिया विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव, कांग्रेस बोली- वह मंत्री बनने के लिए यह सब कर रहे

राहुल देश को बांटने की साजिश रच रहे: निशिकांत

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी सत्ता पाने के लिए देश का बंटवारा करने की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने X पर लिखा कि सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना राहुल गांधी के खिलाफ मेरे आरोप ये हैं, जिनके लिए मैंने लोकसभा स्पीकर से बहस करने की इजाजत मांगी है? क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे हैं? निशिकांत ने कांग्रेस सांसद के आजीवन चुनाव लड़ने और संसद में आने पर बैन लगाने की मांग की है।

मैं किसानों के लिए लड़ता रहूंगा: राहुल

राहुल गांधी ने निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या प्रिविलेज प्रस्ताव लाएं। मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।

निशिकांत ने क्यों लाया विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में मोदी सरकार को एपस्टीन फाइल्स से संबंधित कुछ जानकारी सदन में अपने भाषण के दौरान दी थी। अब सत्ता पक्ष का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष ने जो जानकारी दी है, उसे सत्यापित करें, वरना उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।

विशेषाधिकार का हनन कब माना जाता है?

विशेषाधिकार का हनन तब माना जाता है जब संसद में उसके सदस्यों या अधिकार, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली में कोई व्यक्ति या संस्था बाधा डालती है। इसके अलावा, सदन में किसी अन्य सांसद पर कोई आरोप लगाया तो उसे साबित करना होगा। इसके लिए सबूत देना होता है और बताना होता है कि ये बातें कहां से कोट की हैं और संबंधित कागजातों की कॉपी सदन में देनी होती है।

विपक्षी सांसदों ने गाली गलौच

वहीं, गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि कम से कम 20 से 25 मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सांसद स्पीकर के चेंबर में घुस गए। उन्होंने स्पीकर को गंदी गंदी गालियां दी। मैं उस समय वहां मौजूद था। विपक्षी दलों के सांसदों के साथ केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। उन्होंने भी विपक्षी सांसदों को अमर्यादित बयानबाजी करते हुए नहीं रोका। रिजिजू ने कहा कि वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता लोगों को लड़ने के लिए उकसा रहे थे। स्पीकर ओम बिरला बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती।

Updated on:
13 Feb 2026 12:01 pm
Published on:
13 Feb 2026 12:00 pm
Also Read
View All

अगली खबर