
त्रिपुरा के बॉक्सानगर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कथित तस्करों ने BSF जवानों पर हमला कर दिया। सोमवार सुबह अशाबाड़ी इलाके में हुई इस घटना में तीन जवान घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने जवानों से हथियार छीनने की कोशिश की और एक सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह पूरी घटना सोमवार सुबह बॉक्सानगर के अशाबाड़ी इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, BSF के जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, तभी तस्करों और उपद्रवियों का एक बड़ा झुंड वहां आ धमका और उन्होंने जवानों के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में BSF के तीन जवान घायल हो गए। हमलावरों की मंशा सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने जवानों के पास मौजूद सरकारी हथियार छीनने का भी प्रयास किया। हालांकि, जवानों की सतर्कता के चलते वे अपने नापाक मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद गुस्से में आए उपद्रवियों ने मौके पर खड़े एक सरकारी वाहन को भी निशाना बनाया और उसमें जमकर तोड़फोड़ की।
घटना की जानकारी मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस घटना को बेहद गंभीर, बर्बर और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और रक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले जवानों पर इस तरह का हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षाकर्मियों पर हाथ उठाने वालों से कानून के मुताबिक बहुत सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में बिना किसी ढिलाई के तुरंत एक्शन लें। उन्होंने कहा, 'दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए। हमारे बहादुर जवान देश का मान हैं और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।'
घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। घायल जवानों का इलाज चल रहा है। पुलिस और BSF की टीम मिलकर हमलावर तस्करों की तलाश में इलाके में छापेमारी कर रही हैं।