
चक्रवात 'मुरासु' का खतरा, Pc- Chatgpt
Andhra Pradesh Cyclone: चक्रवात 'मुरासु' के असर से विजयवाड़ा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में आवाजाही बाधित हो गई। सोमवार देर रात शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। इससे शहर के कई हिस्से पानी में डूब गए। विजवाड़ा के बंदर रोड, पॉलीक्लिनिक रोड और 'वन टाउन' के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
चक्रवात 'मुरासु' को लेकर भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है। मौसम विभाग ने बताया कि यह प्रक्रिया दो घंटे तक जारी रह सकती है। IMD ने अपने ताजा अपडेट में कहा कि चक्रवात के तूफानी बादलों का घेरा का एक बड़ा हिस्सा जमीन पर पहुंच चुका है और इसका केंद्र तट की ओर बढ़ रहा है। यह तूफान नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के पास तट से टकरा रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि तट से टकराते समय हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। सुबह तक हवा की गति इसी तरह बनी रहने की संभावना है। IMD ने यह भी अनुमान जताया है कि सामान्य ज्वार-भाटा के स्तर से लगभग 1.0 से 1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें (स्टॉर्म सर्ज) उठ सकती हैं। इसके कारण 3 नवंबर की सुबह तक दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के निचले हिस्सों में पानी भर सकता है। विभाग के अनुसार, बापटला के साथ-साथ कृष्णा और प्रकाशम जिलों में समुद्री लहरों का स्तर सबसे अधिक रहने की आशंका है, जिसके बाद धीरे-धीरे इसमें कमी आएगी। IMD के मुताबिक, अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
Updated on:
3 Nov 2026, 7:28 AM IST
Published on:
3 Nov 2026, 7:28 AM IST
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