त्रिपुरा में आज डॉ. माणिक साहा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
त्रिपुरा में माणिक साहा की अगुवाई वाली मंत्रिपरिषद् ने आज विवेकानंद मैदान में पद और गोपनीयता की शपथ ली। माणिक साहा लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। रतन लाल नाथ, प्रणजीत सिंघा रॉय, सांतना चकमा, टिंकू रॉय, बिकास देबबर्मा, सुधांशु दास और सुक्ला चरण नोआतिया ने त्रिपुरा में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
तीन दशकों में यह पहली बार है कि त्रिपुरा में किसी गैर वाम सरकार ने सत्ता में वापसी की है। बीजेपी की त्रिपुरा इकाई के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस और माकपा के नेतृत्व वाली वाम पार्टियां ने त्रिपुरा में दूसरी भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।
वाम मोर्चे ने एक बयान में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य माणिक सरकार और माकपा, भाकपा, आरएसपी और फॉरवर्ड ब्लॉक के सचिवों को राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वाम मोर्चा 2 मार्च को विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से पूरे राज्य में 'भाजपा समर्थकों और गुंडों द्वारा फैलाए गए अभूतपूर्व आतंक' के कारण इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
इसी आधार पर कांग्रेस भी बुधवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेगी। त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री बिरजीत सिन्हा ने दावा किया कि 2 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से त्रिपुरा में हिंसा की एक हजार से अधिक घटनाएं हुई हैं। चुनाव के बाद हुई हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि हिंसा की सिलसिलेवार घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए।