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CM Vijay: क्या TVK और कांग्रेस में खटपट शुरू हो गई? 9 सितंबर को सीएम विजय की पार्टी ने बुलाई सहयोगी दलों की बैठक

TVK Congress relations: तमिलनाडु में TVK और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ा। सीएम विजय को पीएम पद का दावेदार बताए जाने पर कांग्रेस नाराज, 9 सितंबर को टीवीके ने बुलाई सहयोगी दलों की अहम बैठक।
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Updated: 5 Sep 2026, 7:17 AM IST
Manickam Tagore TVK INDIA alliance Tamil Nadu
तमिलनाडु सीएम विजय और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo-IANS)

Tamil Nadu politics: तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों सत्ता पक्ष के भीतर ही खींचतान दिखने को मिल रही है। TVK पार्टी के मुखिया और राज्य के सीएम विजय के समर्थन उन्हें 2029 के आम चुनाव से पहले विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर पेश कर रहे हैं। टीवीके के इस कदम ने राज्य में सहयोगी दल कांग्रेस को नाराज कर दिया है। गठबंधन के भीतर तनाव खुलकर सामने आ गया है।

CPM, CPI (ML) और MDMK के नेताओं को भेजा न्योता

कांग्रेस से जारी अनबन के बीच TVK ने 9 सितंबर, बुधवार को अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ एक बैठक बुलाई है। पार्टी के तीन मंत्रियों (आधव अर्जुन, राज मोहन और निर्मल कुमार) ने भाकपा-माले, भाकपा और एमडीएमके को इस बैठक में शामिल होने का न्योता भेजा है। पर अभी तक यह तस्वीर साफ नहीं हो सकी है कि TVK ने कांग्रेस नेताओं को भी इस बैठक में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है कि नहीं।

बैठक का एजेंडा क्या है?

खास बात यह भी है कि TVK की तरफ से बैठक का आधिकारिक एजेंडा भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी इसका समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 2029 में विपक्ष की अगुवाई कौन करेगा, इस सवाल पर दोनों दलों के रुख अलग-अलग हो चुके हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद

दरअसल, पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब सीएम विजय के कई विधायकों ने पीएम पद के लिए समर्थन देना शुरू किया। पार्टी की विधायक कनिमोझी ने दावा किया कि 2029 में TVK की ओर से पीएम पद के उम्मीदवार विजय ही होंगे, और यह भी कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री का फैसला दिल्ली नहीं बल्कि तमिलनाडु से होगा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि विजय राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में बड़ा उलटफेर करेंगे। कनिमोझी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उनकी उम्मीदवारी को अपना समर्थन देंगे।

कनिमोझी के मुताबिक जिस तरह राहुल गांधी की मदद से विजय मुख्यमंत्री बने थे, उसी तरह वे उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाएंगे। रानीपेट की विधायक आई. ताहिरा और ऊर्जा एवं कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार समेत TVK के अन्य नेताओं ने भी इसी सुर में विजय की राष्ट्रीय भूमिका का समर्थन किया।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस टीवीके विधायक के दावे से असहज हो गई। तमिलनाडु की कांग्रेस ईकाई ने टीवीके विधायक के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। तमिलनाडु कांग्रेस ने साफ तौर पर कहा कि 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए उसकी पहली पसंद राहुल गांधी ही रहेंगे।

कांग्रेस विधायक दल की नेता थरहाई कथबर्ट के अनुसार, यह पूरा अभियान TVK के कुछ नवनिर्वाचित विधायकों के व्यक्तिगत उत्साह और "फैन फॉलोइंग" वाली सोच का नतीजा है, न कि पार्टी की सोची-समझी रणनीति। उनका कहना है कि विजय स्वयं पहले ही गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर राहुल गांधी को स्वीकार कर चुके हैं। वहीं तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने इन बयानों को ध्यान भटकाने वाली चाल करार दिया और कहा कि आखिरकार प्रधानमंत्री का फैसला जनता अपने वोट से ही करेगी।

गठबंधन पर मंडराता खतरा

गौरतलब है कि विजय सरकार पूर्ण बहुमत में नहीं है और उसे टिके रहने के लिए कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML जैसे सहयोगियों के समर्थन की ज़रूरत है। इनमें कांग्रेस सबसे बड़ी साझेदार है, जिसके पांच विधायक और दो मंत्री राज्य सरकार का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस के साथ यह तनातनी लंबे समय तक चलती है, तो इसका सीधा असर सरकार की स्थिरता पर पड़ सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि TVK औपचारिक रूप से अब तक INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं बनी है, फिर भी राज्य में कांग्रेस उसकी सरकार को समर्थन दे रही है। यही स्थिति दोनों दलों को राज्य में साथ रहते हुए भी राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग रुख अपनाने की गुंजाइश देती है। फिलहाल विजय और राहुल गांधी को लेकर आ रहे विरोधाभासी बयानों ने इस गठबंधन के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले यह साझेदारी दोनों नेताओं की अलग-अलग महत्वाकांक्षाओं के बीच टिक पाती है या नहीं।

Updated on:
5 Sep 2026, 7:17 AM IST
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