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Manipur News: मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद, कई घायल

मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, इस हमले के बाद कई जवान घायल हुए हैं।
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Updated: 6 Jul 2026, 7:12 PM IST
Manipur Violence Update
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- ANI)

मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, इस हमले के बाद कई जवान घायल हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर 2:00 बजे, उखरुल से लगभग 17 किलोमीटर दूर भारी गोलीबारी हुई। नुंगशांग कोंग के पास एनएससीएन (आईएम) के उग्रवादियों ने जवानों पर हमला किया।

दो घंटे तक होते रहे धमाके

जिन जवानों की जान गई है, उनमें वारंट अफसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह शामिल है। इस घटना के बाद उनके शवों को असम राइफल्स के कैंप ले जाया गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में करीब दो घंटे तक जबरदस्त गोलीबारी और बार-बार धमाके होते रहे। गोलीबारी तेज़ होने पर आस-पास के धान के खेतों में काम कर रहे किसान सुरक्षित जगहों पर भाग गए।

कैसे हुआ हमला?

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, असम राइफल्स का एक रूटीन काफिला जा रहा था। अचानक पहाड़ी इलाके से छिपे आतंकियों ने पहले आईईडी से हमला किया और फिर भारी गोलीबारी शुरू कर दी।

इसमें घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बड़े पैमाने पर छानबीन चल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है।

मणिपुर की लगातार हिंसा

मणिपुर में पिछले कई सालों से अलग-अलग गुटों के बीच हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। यह हमला एनएससीएन-आईएम के तांगखुल नागा मिलिटेंट्स द्वारा किया गया माना जा रहा है। उखरुल जिला नागा बहुल इलाका है, जहां पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने उखरुल का दौरा किया था और सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन उसके ठीक बाद यह हमला हो गया। इससे लोकल लोगों में गुस्सा है। वे पूछ रहे हैं कि सरकार सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रही है।

मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक चुनौतियां

मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सरकार और सुरक्षा बल लगातार कोशिश कर रहे हैं। लेकिन बार-बार हो रहे ऐसे हमले साबित करते हैं कि मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक चुनौतियां बनी हुई हैं। इस घटना से एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि राज्य में स्थायी शांति कब आएगी।

Updated on:
6 Jul 2026, 7:12 PM IST
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