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अंतरिक्ष से धरती पर सूरज की रोशनी लाने की तैयारी, 50 हजार शीशों वाले प्रोजेक्ट पर क्यों उठ रहे सवाल?

अमेरिकी स्टार्टअप Reflect Orbital अंतरिक्ष में विशाल शीशे लगाकर रात में धरती पर सूरज की रोशनी पहुंचाना चाहता है। जानें 50 हजार उपग्रहों की योजना और लाइट पॉल्यूशन को लेकर उठ रही चिंताएं।
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भारत

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Anurag Animesh

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Updated: 30 Oct 2026, 2:00 AM IST

Space news

AI Image-(ChatGpt)

Reflect Orbital: कैलिफोर्निया के ग्रामीण इलाकों में हाल में जब स्थानीय लोगों ने रात के वक्त पहाड़ों पर अचानक एक रहस्यमयी और चौंधिया देने वाली कृत्रिम रोशनी देखी, तो वे सन्न रह गए। इसके पीछे 'रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल' नामक एक अमरीकी स्पेस स्टार्टअप का हाथ था, जो अंतरिक्ष में विशालकाय शीशे लगाकर रात के समय भी धरती पर सूरज की रोशनी रिफ्लेक्ट करने की एक तकनीक पर काम कर रहा है। अमरीकी कम्युनिकेशंस रेगुलेटर (एफसीसी) ने कंपनी को अगले साल एक शुरुआती डेमो सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी भी दे दी है। कैलिफोर्निया में हुए परीक्षण के दौरान कंपनी ने जमीन पर शक्तिशाली स्पॉटलाइट्स का इस्तेमाल कर अंतरिक्ष से आने वाली ऐसी रोशनी का सिमुलेशन किया था।

पूर्णिमा से 38 गुना तेज चमक

प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के खगोलीय भौतिकविदों के एक अध्ययन से पता चला है कि अंतरिक्ष में स्थापित यह 54-मीटर का एक अकेला दर्पण धरती पर पूर्णिमा के चांद की तुलना में लगभग 38 गुना अधिक रोशनी (10 बीम कर सकता है। यदि ऐसे सैकड़ों शीशे एक साथ काम करते हैं, तो यह रोशनी रात को दिन बना देगी!

यह है इस प्रोजेक्ट की पूरी योजना


रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल कंपनी आने वाले दशक में अंतरिक्ष में 50,000 ऐसे उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें बड़े रिफ्लेक्टर्स लगे होंगे। स्टार्टअप का दावा है कि इस तकनीक से आपदा के समय रात के अंधेरे में सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमों को सुरक्षित काम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, रात के वक्त भी सोलर फार्म्स को धूप मिलती रहेगी, जिससे लगातार बिजली पैदा की जा सकेगी।

वैज्ञानिकों ने बताया 'मूर्खतापूर्ण'


जैसे ही इस अंतरिक्ष परीक्षण की खबरें बाहर आईं, खगोलविदों, पर्यावरण संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इसे प्रकृति के मूल नियमों पर सीधा हमला करार दिया। प्रमुख पर्यावरण संगठन 'अर्थजस्टिस' के वरिष्ठ वकील जैन हैसेलमैन ने इसे 'इडियट प्रोजेक्ट' करार देते हुए कहा कि धरती पर जीवन का हर रूप दिन और रात के प्राकृतिक चक्र के इर्द-गिर्द विकसित हुआ है। इसके साथ छेड़छाड़ बुद्धिमानी नहीं है।'

लाइट पॉल्यूशन और बर्बादी का खतरा

जानकारों का कहना है कि यदि अंतरिक्ष में 50,000 चमकते हुए शीशे तैनात कर दिए गए, तो रात का अंधेरा हमेशा के लिए गायब हो जाएगा। इससे निशाचर वन्यजीवों की जीवनशैली तबाह हो जाएगी, इंसानों का बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ जाएगा और खगोल विज्ञान के लिए रात के आसमान का अध्ययन करना असंभव हो जाएगा।