एलपीजी लदे दो भारतीय टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने को तैयार है। अभी वह यूएई के शारजाह में हैं। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान इजरायल जंग के चलते भारत में एलपीजी की कमी साफ देखी जा रही है। कालाबाजारी का दौर भी शुरू हो गया है। वहीं, पश्चिम एशिया से कुछ गैस व तेल टैंकर भारत भी पहुंचे हैं। एकबार फिर भारतीय झंडे वाले दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शिपिंग डेटा व व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक भारतीय झंडा लगे दो जहाज जल्द ही अपनी यात्रा फिर से शुरू कर सकते हैं और जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर अरब सागर में प्रवेश करके भारत की ओर रुख कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, भारत के दो LPG वाहक जहाज (पाइन गैस और जग वसंत) संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह के पास तैनात हैं। MarineTraffic के जहाज-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि दोनों जहाज़ संकेत भेज रहे हैं कि वे अपनी यात्रा शुरू करने की तैयारी में हैं। ये टैंकर संभवत शनिवार को अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं, हालाँकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
जब भारत के जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा से इन जहाजों की आवाजाही के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में सतर्क रुख अपनाते हुए, इस क्षेत्र में अपने जहाजो की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।
शुक्रवार को मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारत के 22 जहाज़ों के बेड़े की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही के पक्ष में हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन जहाज़ों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के संबंध में वैश्विक नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। जग वसंत जहाज को BPCL ने चार्टर (किराए पर) किया है, जबकि पाइन गैस का संचालन IOC द्वारा किया जाता है। दोनों कंपनियों ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह ईरान ने भारतीय झंडे वाले दो LPG वाहक जहाज़ों को इस जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति दी थी। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ खेपों की आवाजाही के संबंध में अभी भी 'मामले-दर-मामले' (case-by-case) आधार पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।