राष्ट्रीय

UCC पर NDA में बढ़ी हलचल, चिराग पासवान बोले- पहले ड्राफ्ट देखेंगे, फिर तय करेंगे पार्टी का स्टैंड

Uniform Civil Code यानी UCC को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऐलान के बाद NDA के भीतर हलचल बढ़ गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि पार्टी फिलहाल UCC पर कोई अंतिम राय नहीं बना रही है। उन्होंने कहा कि पहले ड्राफ्ट सार्वजनिक होना चाहिए उसके बाद पार्टी अपना मत रखेगी।
2 min read
Sep 14, 2026
chirag paswan on UCC
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (फोटो- X@chirag paswan)

Chirag Paswan on UCC: NDA शासित राज्यों में 2029 से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन सहयोगियों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और समानता दोनों का सम्मान करना जरूरी है, इसलिए पार्टी तब तक अपना रुख तय नहीं करेगी जब तक कानून का औपचारिक ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं हो जाता और सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत नहीं हो जाती।

समानता और विविधता दोनों के लिए प्रतिबद्ध है LJPR : चिराग पासवान

सोशल मीडिया पर संविधान के कुछ खास अनुच्छेदों का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने लिखा, "भारत का सामाजिक ताना-बाना विविध है। समाज के हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। संविधान खुद इसे मानता है, पांचवीं और छठी अनुसूची, अनुच्छेद 371A और 371G और अब तक बने विभिन्न कानूनों में अनुसूचित जनजातियों को दी गई छूट इसके सबूत हैं।"

चिराग पासवान ने आगे कहा कि उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) समानता और विविधता दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी UCC का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने, सभी पक्षों के हितों की जांच होने और व्यापक बातचीत के बाद ही अपनी राय रखेगी।

पहले बिल का अध्ययन करेंगे, फिर अमित शाह से बात: सुरेंद्र विवेक

वहीं, पटना में पत्रकारों से बात करते हुए LJP (राम विलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने गठबंधन की जिम्मेदारियों और जनहित के बीच संतुलन बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी NDA का हिस्सा है और NDA सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। हालांकि, जब प्रस्ताव पेश किया जाएगा, तो पार्टी हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी ताकि यह पता चल सके कि यह देश और जनता के हितों को किस हद तक पूरा करता है।

सुरेंद्र विवेक ने यह भी साफ किया कि पार्टी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि UCC लागू किया ही जाना चाहिए। इसके बजाय, वे पहले बिल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेंगे। अगर कोई ऐसी बात है जो पार्टी के सिद्धांतों और विचारों से मेल नहीं खाती है, तो उसे गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखा जाएगा। जरूरी बदलाव होने के बाद ही कोई स्पष्ट रुख अपनाया जाएगा। बिना ड्राफ्ट देखे इसे कैसे लागू किया जा सकता है।

अमित शाह के बयान के बाद बढ़ी हलचल

चिराग पासवान और LJP(R) के प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि BJP के नेतृत्व वाली NDA की 21 राज्य सरकारें 2029 से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में कदम उठाएंगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा है कि समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बिहार में भी NDA के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी संकेत दिया है कि वे जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस मामले पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।

Updated on:
14 Sept 2026 08:05 pm
Published on:
14 Sept 2026 08:04 pm