
Uday Bhanu Chib on Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। चिब ने कहा कि 13 करोड़ भारतीयों को उनके संवैधानिक वोट के अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चिब ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें जेल नहीं भेजा जाता। उन्होंने कहा कि इसके बाद दो ही रास्ते होंगे। या तो ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे या देश छोड़ेंगे। चिब ने यह भी कहा कि उन्हें देश छोड़कर भागने नहीं दिया जाएगा। उनके मुताबिक, युवा कांग्रेस के लोग हर हवाई अड्डे पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी ज्ञानेश कुमार मिलेंगे, उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
दरअसल, यह विवाद विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहा है। कांग्रेस और विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। भारतीय युवा कांग्रेस ने 24 सितंबर को भी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद संगठन ने ज्ञानेश कुमार को हटाने, उनकी गिरफ्तारी और चुनावी प्रक्रिया की व्यापक जांच की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया।
मामला उस रिपोर्ट के बाद और गरमा गया, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने का दावा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण और चुनावी आंकड़ों से जुड़े मुद्दों पर थीं। चुनाव आयोग ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि अलग-अलग राय और आपत्तियां संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
उदय भानु चिब ने अपने बयान में 13 करोड़ भारतीयों के मतदान के अधिकार से वंचित होने का दावा किया है। यह आंकड़ा कांग्रेस नेताओं की ओर से एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का हिस्सा है। इस दावे को खबर में चिब के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया। दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर सुरक्षा भी बढ़ाई गई। भारतीय युवा कांग्रेस ने 5 रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च का कार्यक्रम रखा।
युवा कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे को देशभर में ले जाने की बात कह चुकी है। संगठन ने कहा है कि अभियान को कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, युवा संगठनों और दूसरे समुदायों तक पहुंचाया जाएगा।
चिब के ताजा बयान के बाद एसआईआर को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद और तेज हो गया है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से आंतरिक असहमति को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया बताया गया है।