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‘सनातन धर्म से तृषा तक’, विवादित बयानों से उदयनिधि स्टालिन का रहा है नाता

Udhayanidhi Stalin Detained by Tamil Nadu Police: डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन अपने बयानों को लेकर एक बार फिर विवादों में हैं। तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए स्टालिन ने नाम लेने से इनकार किया। इससे पहले सनातन धर्म, शशिकला और वंदे मातरम् को लेकर भी उनके बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन चुके हैं।
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Aug 04, 2026
Udhayanidhi Stalin Trisha comment controversy
उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में लिया (Photo-IANS)

Udhayanidhi Stalin Trisha Controversial Remark: डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा को लेकर एक टिप्पणी की। जिसके बाद तमिलनाडु की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया। इस टिप्पणी को लेकर उदयनिधी स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। वहीं हिरासत के बाद स्टालिन ने अपने पहले बयान में कहा कि उन्होंने कभी भी तृषा का नाम नहीं लिया है। यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन को अपने बयान के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी वे कई बयान दे चुके हैं, जिनको लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

तृषा को लेकर क्या कहा? 

तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान सीएम विजय पर हमला बोल रहे थे। इस दौरान मौजूद लोग अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाने लगे। इस दौरान उन्होंने आपत्तिजनक दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। 

इसका वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 

शशिकला की चप्पल को लेकर दिया था बयान

2021 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उदयनिधि ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एडाप्पडी के. पळनिस्वामी (EPS) के बारे में कहा कि वे मुर्दे की तरह रेंगकर शशिकला के पैर छूने गए थे ताकि मुख्यमंत्री बन सकें।

उदयनिधि का यह वीडियो वायरल हो गया। इसमें शशिकला के बारे में बेहद आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल भी बताया गया। AIADMK नेताओं ने इसे महिलाओं पर हमला और गंदी राजनीति बताया। 

सनातन धर्म को लेकर क्या बोले थे उदयनिधि

उदयनिधि ने सनातन धर्म को लेकर भी ऐसा बयान दिया था, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया। दरअसल, 2023 में एक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म की तुलना छूत की बीमारियों से की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ ऐसी बाते होती हैं, जिनका हम सिर्फ विरोध कर सकते हैं। उन्हें जड़ से खत्म करना होता है। हम मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं करते, बल्कि उन्हें मिटाते हैं। सनातन धर्म भी ठीक ऐसा ही है। भाजपा और हिंदू संगठनों ने इसे नरसंहार की अपील बताया। कई FIR दर्ज हुईं। मद्रास हाईकोर्ट ने बाद में इसे हेट स्पीच माना।

उदयनिधि ने सफाई दी कि वे जाति व्यवस्था और असमानता के खिलाफ बोल रहे थे, न कि हिंदुओं या मंदिरों के खिलाफ और माफी मांगने से इनकार कर दिया। 2026 में विधानसभा में भी उन्होंने इसी लाइन को दोहराया।

वंदे मातरम्” पर जताई आपत्ति

उदयनिधि स्टालिन ने 2026 में तमिलनाडु के राज्य गीत को वंदे मातरम् के बाद बजाए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया। इसे तमिल पहचान और हिंदी/राष्ट्रीय प्रतीकों के बीच तनाव से जोड़कर देखा गया।

Updated on:
04 Aug 2026 03:12 pm
Published on:
04 Aug 2026 03:12 pm