
Trisha Krishnan Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त एक नया भूचाल आ गया जब डीएमके के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन पर कानूनी शिकंजा कस गया। तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) की शिकायत के बाद तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से उनके चेन्नई स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
यह पूरा राजनीतिक बवंडर तंजावुर में एक जनसभा के दौरान मशहूर अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित द्वयअर्थी (Double-Entendre) टिप्पणी के बाद शुरू हुआ।
इस पूरे विवाद की औपचारिक शुरुआत तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन से हुई, जहाँ टीवीके की तंजावुर मध्य जिला महिला मोर्चा की आयोजक एस भैरवी ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उदयनिधि ने सार्वजनिक मंच से एक महिला अभिनेत्री के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।
MDMK के प्रधान सचिव और राज्यसभा सांसद दुरई वाइको ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस मंच पर कावेरी नदी, किसानों की बदहाली और तमिलनाडु के अहम जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, वहां व्यक्तिगत टिप्पणियां और किसी महिला से जुड़े अपमानजनक बयान नहीं होने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की टिप्पणी की गई है तो यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
दुरई वाइको ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक मंच का इस्तेमाल निजी आरोप-प्रत्यारोप या व्यक्तिगत हिसाब चुकता करने के लिए नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, जनता उन नेताओं से गंभीर मुद्दों पर समाधान की उम्मीद करती है, इसलिए राजनीतिक संवाद की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
दरअसल, यह घटना तंजावुर में कावेरी जल संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर डीएमके द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई। मंच से भाषण देते हुए उदयनिधि मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार पर प्रशासनिक नाकामी का आरोप लगा रहे थे।
भाषण का वो विवादित मोड़: उदयनिधि जब कावेरी मुद्दे पर बोल रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ समर्थकों ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोपों के मुताबिक, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि ने कावेरी नदी के पानी और अभिनेत्री के नाम को जोड़ते हुए एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। यद्यपि उन्होंने तुरंत हंसते हुए सफाई दी कि वह सिर्फ नदी के जल की बात कर रहे थे, लेकिन उनके लहजे और इशारे को लेकर तीखा विरोध शुरू हो गया।