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Maharashtra: मां से छीनकर 20 दिन के मासूम को ढाई लाख रुपए में बेचा, होमगार्ड समेत 10 आरोपी गिरफ्तार

Newborn Baby Sale: ठाणे में 20 दिन के नवजात बच्चे को मां से छीनकर ढाई लाख रुपए में बेचने का मामला सामने आया है। मुंब्रा पुलिस ने 24 घंटे में बच्चे को सुरक्षित बरामद कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 7 Nov 2026, 7:27 PM IST

Maharashtra Crime news

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो- पत्रिका

Baby Trafficking Case: महाराष्ट्र के ठाणे में महज 20 दिन के नवजात बच्चे को ढाई लाख रुपए में बेचने का मामला सामने आया है। बच्चे को उसकी मां से छीनकर रत्नागिरी के एक दंपती को बेच दिया गया। मुंब्रा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद महज 24 घंटे में कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक होमगार्ड भी शामिल है। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है।

भीख मांगकर गुजारा करती है मां

पुलिस के अनुसार कलवा के शांतिनगर इलाके में रहने वाली 19 वर्षीय युवती भीख मांगकर अपना गुजारा करती है। उसके 20 दिन के बेटे को मुंब्रा निवासी रेहान शेख (22) ने ढाई लाख रुपए में बेचने का सौदा किया। इसके बाद आरोपी ने युवती से उसका बच्चा और उसे दी गई रकम भी छीन ली। इस घटना के बाद युवती ने मुंब्रा पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटिल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

पांच टीमें बनाई गईं

मुंब्रा थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक शरद कुंभार, प्रशांत पाटिल, वृषाली पवार, तेजस सावंत और राम दलवी के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस ने ज्योति पाटिल (35), रेहान शेख (22), फरहान शेख (21) और हुर्ना शेख (27) को गिरफ्तार किया। इसके बाद अनिता धोत्रे (42) और सुनीता खैरनार (30) को भी पकड़ लिया गया। एक पुलिस टीम ने गोपीनाथ धोत्रे (46) को जालना से गिरफ्तार किया, जबकि दूसरी टीम ने रत्नागिरी से बच्चे को सुरक्षित बरामद किया।

10 आरोपियों को पकड़ा गया

पुलिस के अनुसार गोपीनाथ धोत्रे ने बच्चे की बिक्री में आरोपियों की मदद की थी। वह होमगार्ड के रूप में सेवाएं दे रहा है और दिवा के साबेगांव इलाके में रहता है। इसके अलावा प्रतिमा परब (46) और शिल्पा साठे (34) को भी गिरफ्तार किया गया है। इस तरह मामले में कुल 10 आरोपियों को पकड़ा गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 10 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

दो अलग-अलग गिरोह का खुलासा

पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटिल के अनुसार इस मामले में दो अलग-अलग गिरोह सक्रिय थे। एक गिरोह जरूरतमंद और असहाय परिवारों से बच्चे खरीदता था, जबकि दूसरा बच्चों की जरूरत वाले परिवारों की तलाश करता था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इससे पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने पहले भी कितने बच्चों की खरीद-फरोख्त की है। पुलिस ने बच्चे को उसकी मां के साथ डोंबिवली स्थित जननी संस्था में भेजा है। बच्चे को खरीदने वाले रत्नागिरी के दंपती को भी हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही है।