
DMK Protest Thanjavur: तमिलनाडु की राजनीतिक में मंगलवार को उस समय अचानक खौबड़ा मोड़ आ गया, जब थंजावूर की शांत सड़कें अचानक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गईं। कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक सार्वजनिक रैली में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और लोकप्रिय अभिनेत्री तृषा कृष्णन के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन की भयानक लहर दौड़ गई।
तंजावुर में प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए डीएमके कार्यकर्ताओं ने सड़कों को पूरी तरह जाम कर दिया, पुतले जलाए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर चप्पलें फेंकीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि व्यापारियों को किसी भी तरह की हिंसा के डर से अपनी दुकानें अचानक बंद करनी पड़ीं। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के समर्थक भी पास ही जवाबी प्रदर्शन करने उतर आए, जिससे दोनों गुटों के आमने-सामने आने का खतरा बढ़ गया।
यह पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब चेन्नई पुलिस ने तंजावुर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिक शिकायत के आधार पर उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिया। हालांकि, गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उदयनिधि ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख करते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय इस आपातकालीन याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमत हो गया और मौखिक रूप से पुलिस को यह निर्देश दिया कि जब तक याचिका पर अंतिम सुनवाई न हो जाए, तब तक कोई कड़ा या अवहेलनापूर्ण कदम न उठाया जाए।
उदयनिधि पर यह गाज टीवीके की महिला शाखा की शिकायत पर गिरी है। पुलिस ने डीएमके नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और महिला उत्पीड़न निवारण अधिनियम की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
राजनीतिक विवाद की शुरुआत सोमवार को तंजावुर में आयोजित एक जनसभा से हुई। डीएमके द्वारा कावेरी नदी जल बंटवारे और कर्नाटक के मेकेदाटु बांध निर्माण के विरोध में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में उदयनिधि भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की नीतियों पर सवाल खड़े किए, भीड़ में से कुछ कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगाने शुरू कर दिए।
इसी दौरान उदयनिधि ने माइक पर एक ऐसी प्रतिक्रिया दी, जिसे विपक्षी दलों ने महिला के प्रति अभद्र और द्विअर्थी टिप्पणी करार दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी, एमडीएमके और टीवीके समेत कई प्रमुख दलों ने उदयनिधि पर तीखे हमले किए और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की। हालांकि, डीएमके नेतृत्व का दावा है कि बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था।
| मामले के मुख्य बिंदु | विवरण |
| मुख्य आरोपी | उदयनिधि स्टालिन (नेता प्रतिपक्ष, तमिलनाडु) |
| शिकायतकर्ता पार्टी | तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) |
| विवाद की वजह | सीएम जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृषा पर कथित अमर्यादित टिप्पणी |
| लागू कानून | BNS धाराएं, IT एक्ट और महिला उत्पीड़न कानून |
| हाईकोर्ट का रुख | अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई जारी, पुलिस को संयम का निर्देश |
राज्य में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता बदलने के बाद डीएमके और टीवीके के बीच का यह संघर्ष केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने का एक बड़ा हथकंडा बन गया है। तंजावुर और चेन्नई समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।