
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अपनी किताब में बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र किया है। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब कांग्रेस नेता उदित राज ने सोनिया गांधी के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के बयान के व्यापक मायने हैं। यह देश की एकता और अखंडता से जुड़ा मुद्दा है।
उदित राज ने कहा कि करीब 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग करके क्या कोई देश विकास कर सकता है? बाबरी मस्जिद का विध्वंस देश की सामाजिक सद्भावना पर बड़ा हमला था। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति देशभक्त है और देश की एकता व अखंडता की चिंता करता है, उसे इस घटना से स्वाभाविक रूप से पीड़ा होगी।
वहीं, बस्तर में नक्सलवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्या वहां पहले दिवाली नहीं मनाई जाती थी? प्रधानमंत्री हर मौके को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का अवसर नहीं छोड़ते।
उदित राज ने कहा कि बस्तर में पहले भी दिवाली मनाई जाती थी और वहां के लोग पहले से ही रह रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा ऐसे बयान देते हैं, जिनका मकसद जनता को गुमराह करना होता है।
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन को दिए इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1992 में जब उन्होंने टीवी पर अयोध्या में मस्जिद को गिराए जाते हुए देखा तो वह रो पड़ी थीं।
सोनिया गांधी ने कहा कि उस समय उन्हें एहसास हुआ कि अब देश में धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई लंबी चलने वाली है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और उनके सहयोगियों ने जिस धर्मनिरपेक्ष भारत के निर्माण का प्रयास किया था, उसे बचाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।
सोनिया गांधी के इस इंटरव्यू के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सोनिया गांधी के आंसुओं का हम सम्मान करते हैं, क्योंकि उनके परिवार ने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं। हालांकि, बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय भी ऐसी ही संवेदनशीलता दिखाई जाती तो इन आंसुओं का महत्व और अधिक होता।