
Rajya Sabha Uproar : संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोक परीक्षा (एंटी पेपर लीक) संशोधन विधेयक पर चर्चा के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान जोरदार नारेबाजी हुई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला बोला। वहीं विपक्ष के सांसदों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और उनसे अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, खरगे ने विधेयक के बारे में बिल्कुल भी बात नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होने कहा कि, 'मैं उन्हें यहां घसीट लाऊंगा'। खरगे अपने साथ मनुस्मृति की एक नकली प्रति लेकर आए। हम तो बस यही कह रहे थे कि समाज में किसी को भी फूट नहीं डालनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने इसे संसदीय मर्यादा के विपरीत बताया।
वहीं, राज्यसभा में खरगे के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने गिरिराज सिंह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सदन में अपने बयान के लिए माफी मांगने की भी मांग की। संसद में इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी के चलते सदन का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
विपक्ष ने इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। सदन में बोलते हुए खरगे ने कहा कि संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था? छात्रों को सादे कपड़े में पीटने वाले लोग कौन थे? यदि इन सभी सवालों का जवाब अमित शाह नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी को उनसे यह सब पूछना चाहिए।
वहीं इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने मनुस्मृति का जिक्र किया, जिस पर सदन में काफी हंगामा हो गया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत एनडीए सांसदों ने खरगे से माफी मांगने की मांग की। नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता जो कह रहे है, मेरी जानकारी तथ्यों से परे है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच काफी तीखी बहस भी देखने को मिली।