
Piyush Goyal Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने तीखा तंज कसा है। उन्होने कहा कि, देश में आत्मविश्वास की एक नई भावना उभरी है, फिर भी राहुल गांधी पुरानी सोच में फंसे हुए हैं, देश की जनता और युवा समझदार हैं। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास और कार्यालय के बाहर धरना देने का विकल्प चुना- शायद अनुभव प्राप्त करने और यह देखने के लिए कि वे प्रधानमंत्री के आवास और कार्यालय कैसे दिखते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी के इस शर्मनाक व्यवहार पर टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उनके पास न तो कोई दूरदृष्टि है, न समाज से जुड़ाव है।
कांग्रेस पार्टी के पास ना तो जनता का विश्वास है और न ही भविष्य के लिए कोई योजना। मेरा मानना है कि दूसरों को बदनाम करने के प्रयास न तो उन्हें राजनीतिक भविष्य दिलाएंगे और न ही बुद्धिमत्तापूर्ण भविष्य का संकेत देंगे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 18 जुलाई को स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 को अंतरिक्ष में पहुंचते देखा। संयोग से, भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसकी निजी क्षेत्र की कंपनी ने अंतरिक्ष में रॉकेट भेजा है, और पहला ऐसा देश है जहां युवा इंजीनियरों के नेतृत्व वाली एक निजी स्टार्टअप कंपनी ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। यह उत्साहजनक है।
यह विशुद्ध नवाचार है। यह प्रौद्योगिकी है जो विकास की कहानी को आगे बढ़ा रही है। यह भारत और भारतीयों का दृढ़ विश्वास और साहस है। देश के युवाओं का कौशल सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उनका साहस और आत्मविश्वास वास्तव में प्रेरणादायक है।
यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण है। उस रॉकेट की लागत संभवतः दुनिया में सबसे कम है। अब, जैसे-जैसे वे अपना विस्तार कर रहे हैं, उनका लक्ष्य प्रति वर्ष आठ से दस प्रक्षेपण करना है। यहां तक कि अन्य देशों के प्रसिद्ध नामों ने भी सफल प्रक्षेपण के पहले वर्ष के भीतर आठ से दस प्रक्षेपणों की योजना नहीं बनाई थी। यह एक अलग बात है कि एक प्रसिद्ध कंपनी को अपने चौथे प्रयास में ही सफलता मिली।