
Wasseypur Gangster Shabbir Alam (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. झारखंड के वासेपुर गैंगस्टर शब्बीर आलम उर्फ साबिर (Wasseypur Gangster news) ने अंबिकापुर निवासी एक व्यवसायी को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी रिपोर्ट उसने कोतवाली में दर्ज कराई थी। बाद में गैंगस्टर अपने बेटे व अन्य लोगों के साथ मिलकर व्यवसायी को केस वापस लेने दबाव बना रहा था। उन्होंने कहा था यदि केस वापस नहीं लोगे तो जान से मार देंगे। यह मामला मार्च 2026 का है। व्यवसायी ने मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। इस तरह गैंगस्टर शब्बीर आलम, उसके बेटे कमरान सहित 9 लोगों पर पुलिस ने एक और अपराध दर्ज किया है। बता दें कि गैंगस्टर शब्बीर आलम वर्ष 2013 से अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। 1 जुलाई को धनबाद पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन वह भाग निकला है। उसे संरक्षण देने व भगाने में सहयोग करने वालों पर भी इसी माह कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
शहर के खरसिया नाका निवासी व्यवसायी अबू मोहम्मद ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि उसका कामरान आलम, उसके पिता शब्बीर आलम (Wasseypur Gangster case) व जिशान आलम के साथ पूर्व में विवाद हुआ था। अबू ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली मेंं दर्ज कराई थी।
अबू ने पुलिस को बताया है कि 3-4 जनवरी तथा 17 मार्च 2026 को अंबिकापुर के हबीबनगर निवासी कामरान, शब्बीर आलम, इरशाद आलम, जिशान आलम, दिलशाद आलम, सलमान, मो. साद, खुशबास व नौसान द्वारा पुराने केस को न्यायालय से वापस लेने कहा गया। उसने बताया कि उसका कई बार पीछा कर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी गई। इससे वह तथा उसके परिवार के लोग डरे-सहमे हैं। पुलिस ने अबू की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ 296 बी, 3 (5), 351 (3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बता दें कि शब्बीर आलम वासेपुर का गैंगस्टर रहा है। उसने वर्ष 2001 में अपने भाई व अन्य 7 लोगों के साथ मिलकर धनबाद के वासेपुर में कोल माफिया व डॉन फहीम खान की मां व मौसी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2013 में वह धनबाद कोर्ट से फरार हो गया था। वहीं वर्ष 2018 में झारखंड हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
कोर्ट से फरार होने बाद 13 साल तक वह अंबिकापुर में रहा। धनबाद पुलिस (Dhanbad police) उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। जब उसके अंबिकापुर में होने की बात पता चली तो 1 जुलाई को उसे पकडऩे यहां पहुंची थी। धनबाद पुलिस ने अंबिकापुर पुलिस को जानकारी नहीं दी थी। स्वयं सादे ड्रेस में उसके घर पहुंची। यहां स्थानीय लोगों के विरोध के बीच वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
धनबाद के गैंगस्टर (FIR against Wasseypur Gangster) को 13 वर्षों तक शमीम व राजहंस बस के मालिक बैदुल खान ने संरक्षण देकर रखा था। संरक्षण पाकर गैंगस्टर शब्बीर आलम ने यहां करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है। मामले में कोतवाली पुलिस ने संरक्षण देने पर राजहंस के मालिक बैदुल के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। वहीं धनबाद पुलिस ने दूसरी बाद पुन: आकर गैंगस्टर को भगाने वालों की पहचान कर उसके बेटा कामरान आलम सहित अन्य पर अपराध दर्ज कराई है।
Updated on:
29 Jul 2026 08:23 pm
Published on:
29 Jul 2026 08:19 pm
