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Birla Open Mind School अंबिकापुर की शिक्षिका ने 8वीं के छात्र से 200 बार लिखवाई गाली, कहा- पैरेंट्स के सिग्नेचर कराकर लाना

Birla Open Mind School Ambikapur: 2 छात्रों के बीच क्लास में हुई मारपीट व गाली-गलौज के बाद एक छात्र को दी सजा, डीईओ से हुई मामले की शिकायत, कहा- सहायक संचालक को दिया है जांच का जिम्मा, प्रतिवेदन के आधार पर होगी कार्रवाई
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 29 Jul 2026, 6:22 PM IST

Abuse written from 8th class student

Birla Open Mind school, छात्र से कॉपी पर लिखवाई गई गाली (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। शहर से ग्राम सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल (Birla Open Mind School International school) की शिक्षिका ने 8वीं के एक छात्र को 200 बार मां की गाली लिखने की सजा दी। छात्र ने अपनी कॉपी में इंग्लिश और हिंदी भाषा में 100-100 बार यह गाली लिखी। गाली लिखवाने के बाद शिक्षिका ने छात्र से कहा कि कॉपी अपने माता-पिता को दिखाना और उनके हस्ताक्षर कराकर लाना। छात्र के पिता ने मामले की शिकायत डीईओ से की है। डीईओ ने मामले की जांच का जिम्मा सहायक संचालक को दिया है। उनका कहना है कि यह काफी गंभीर बात है। यदि शिक्षिका ने ऐसा किया है तो जांच के बाद उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि बिरला ओपन माइंस इंटरनेशनल स्कूल में पढऩे वाले 8वीं कक्षा के 2 छात्रों के बीच 28 जुलाई को क्लास में लड़ाई हो गई थी। इसमें दोनों ने मारपीट और गाली-गलौज (Abuse) की थी। इस पर वहां पदस्थ शिक्षिका प्रेरणा ने एक छात्र को 100 बार मां की गाली लिखने की सजा दे दी। शिक्षिका ने छात्र से कहा कि 100-100 बार हिंदी और इंग्लिश में मां की गाली लिखना।

यही नहीं, शिक्षिका ने उससे कहा कि कॉपी में अपने माता-पिता के हस्ताक्षर कराकर लाना। छात्र ने जब यह कॉपी अपने माता-पिता को दिखाई तो वे हैरान रह गए। छात्र के पिता की शिकायत पर डीईओ दिनेश झा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

Abusive language: हम पढ़ाने भेजते हैं या गाली सिखाने

छात्र के पिता का कहना है कि यदि बच्चों ने गलती की भी थी तो एक शिक्षक का कर्तव्य होता है कि वह उसे समझाए, सही राह दिखाए। लेकिन उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गाली लिखने को कहा। मेरे बच्चे ने लिखते समय 200 बार गाली (Wrote abuse) का उच्चारण भी किया होगा। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ाने भेजते हैं या गाली सिखाने। उन्होंने शिक्षिका के इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। वहीं छात्र संगठनों ने भी शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

डीईओ बोले- की जाएगी कार्रवाई

इस मामले में डीईओ दिनेश झा (Surguja DEO) का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने सहायक संचालक को मामले की जांच के लिए भेजा है। जांच में आए तथ्यों के आधार पर शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी सजा देना निहायत ही गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए।