कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिससे होटल-रेस्तरां पर असर पड़ेगा। सरकार ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को जिम्मेदार बताया है। छोटे सिलेंडर और थोक डीजल भी महंगे हुए हैं, जबकि पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
LPG Gas Cylinder Price Hike: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने एक बार फिर बाजार और आम लोगों के बीच हलचल पैदा कर दी है। शुक्रवार को 19 किलो वाले कमर्सियल सिलेंडर के दाम में रिकॉर्ड उछाल देखा गया। कीमत सीधे 993 रुपये बढ़कर 3,071.50 रुपये तक पहुंच गई। इसका असर सबसे ज्यादा होटल, ढाबा और रेस्तरां कारोबार पर पड़ने वाला है, जहां यही सिलेंडर रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल होता है। इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि सिर्फ भारत को देखकर फैसला नहीं किया जा सकता। दुनिया के दूसरे हिस्सों में कीमतें कितनी बढ़ी हैं, इसे भी समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, सरकार ने जितना संभव था, उतना बोझ कम रखने की कोशिश की है। कमर्सियल सिलेंडर होटल, ढाबा और रेस्तरां में प्रयोग में लाया जाता है।
बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल और गैस की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। यही कारण है कि लगातार तीसरे महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हुआ है। हाल ही में लॉन्च किए गए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। इसमें 261 रुपये का इजाफा हुआ है और अब यह 810.50 रुपये में मिल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि यह कीमत अब घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर (करीब 913 रुपये) के काफी करीब पहुंच गई है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। वजह वही है, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल। साथ ही, पिछले चार साल से खुदरा कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, जिससे तेल कंपनियों का घाटा बढ़ता जा रहा है।सिर्फ गैस ही नहीं, थोक में इस्तेमाल होने वाला डीजल भी महंगा हुआ है। अब इसकी कीमत 149 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जो पेट्रोल पंप पर मिलने वाले डीजल से काफी ज्यादा है।
LPG सिलेंडर महंगा होने पर देश के अलग-अलग पार्टियों के नेता भी अपने विचार रख रहे हैं। राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी नेता भी अपनी बात रख रहे हैं। सभी ने बढ़ते दामों का विरोध किया है।