UPI transaction rules: देश में अधिकत्तर लोग अब डिजिटल भुगतान पर निर्भर हो चुके हैं। लेन- देन के लिए फोन पे, गूगल पे, पेटीएम, भीम या ऑनलाइन बैंकिंग का सहारा ले रहे हैं। अब यूपीआई पेमेंट को लेकर आरबीआई ने कुछ नियमों में बदलाव किए हैं।
मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करके सेकेंडों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उपयोग किया जाने वाला यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई देश में तेजी से विकसित हो रहा है। इसके लॉन्च होने के बाद भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है और बढ़ रही है। छोटे उम्र से लेकर रिक्शा चलाने वाले लोगों तक ने अब जेब में कैश रखना बंद कर दिया है। सभी लोग अब डिजिटल भुगतान पर निर्भर हो चुके हैं। लेन- देन के लिए फोन पे, गूगल पे, पेटीएम, भीम या ऑनलाइन बैंकिंग का सहारा ले रहे हैं। अब यूपीआई पेमेंट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने कुछ नियमों में बदलाव किए हैं और कुछ नए नियम भी लाए हैं, जो आज यानी 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होंगे।
Paytm , PhonePe समेत सभी ट्रांजक्शन ऐप्स और बैंकों से उन UPI आईडी और नंबरों को निष्क्रिय करने के लिए कहा है जो एक साल से ज्यादा समय से एक्टिव नही हैं। एनपीसीआई की मानें तो, यूपीआई लेनदेन के लिए परडे ट्रांजक्शन लीमिट अब अधिकतम 1 लाख रुपये होगी। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने 8 दिसंबर, 2023 को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए UPI पेमेंट की लेनदेन सीमा को बढ़ाकर ₹ 5 लाख कर दिया है, लेकिन एनपीसीआई ने इसे अपने तरीके से बताया है।
[typography_font:14pt;" >दो हजार से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज
इस बदलाव के अलावा, ऑनलाइन वॉलेट जैसे प्रीपेड भुगतान उपकरणों का उपयोग करके किए गए 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर 1.1 प्रतिशत इंटरचेंज चार्ज भी लगेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन पेमेंट धोखाधड़ी के बढ़ते केसों को कम करने के लिए 2,000 रुपये से अधिक के पहले भुगतान के लिए चार घंटे की समय सीमा होगी, जिन्होंने पहले लेनदेन नहीं किया है। वहीं, जल्द ही UPI यूजर्स 'टैप एंड पे' सुविधा को एक्टिव कर सकेंगे। हालांकि अभी तक इसकी ऑफिशियल है।
UPI ATM की होगी शुरुआत
गौरतलब है कि आरबीआई देशभर में यूपीआई एटीएम शुरू करने वाली है। इन एटीएम से आप सीधे अपने बैंक अकाउंट से क्यूआर कोड स्कैन करके कैश निकाल सकते हैं। बता दें कि नवंबर 2023 में यूपीआई लेनदेन का वैल्यू 17.4 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2023 में 17.16 ट्रिलियन रुपये की तुलना में 1.4 फीदसी अधिक है। साथ ही, ट्रांजक्शन की संख्या 1.5 प्रतिशत कम होकर 11.24 बिलियन हो गई।